Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
26 Jan 2024 · 1 min read

थी हवा ख़ुश्क पर नहीं सूखे – संदीप ठाकुर

थी हवा ख़ुश्क पर नहीं सूखे
धूप भी थी मगर नहीं सूखे
देखिए कितने ज़िद्दी पत्ते हैं
पेड़ से टूट कर नहीं सूखे
संदीप ठाकुर
Sandeep Thakur

117 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
'फौजी होना आसान नहीं होता
'फौजी होना आसान नहीं होता"
Lohit Tamta
आज फिर किसी की बातों ने बहकाया है मुझे,
आज फिर किसी की बातों ने बहकाया है मुझे,
Vishal babu (vishu)
दिव्य-दोहे
दिव्य-दोहे
Ramswaroop Dinkar
चंद तारे
चंद तारे
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
"हाशिया"
Dr. Kishan tandon kranti
🧑‍🎓My life simple life🧑‍⚖️
🧑‍🎓My life simple life🧑‍⚖️
Ms.Ankit Halke jha
नाथ मुझे अपनाइए,तुम ही प्राण आधार
नाथ मुझे अपनाइए,तुम ही प्राण आधार
कृष्णकांत गुर्जर
💐प्रेम कौतुक-268💐
💐प्रेम कौतुक-268💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
बना है राम का मंदिर, करो जयकार - अभिनंदन
बना है राम का मंदिर, करो जयकार - अभिनंदन
Dr Archana Gupta
"अपेक्षा"
Yogendra Chaturwedi
मुक्तक
मुक्तक
दुष्यन्त 'बाबा'
जितना रोज ऊपर वाले भगवान को मनाते हो ना उतना नीचे वाले इंसान
जितना रोज ऊपर वाले भगवान को मनाते हो ना उतना नीचे वाले इंसान
Ranjeet kumar patre
2703.*पूर्णिका*
2703.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
माँ से बढ़कर नहीं है कोई
माँ से बढ़कर नहीं है कोई
जगदीश लववंशी
संत गाडगे संदेश 2
संत गाडगे संदेश 2
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
माॅ प्रकृति
माॅ प्रकृति
Jeewan Singh 'जीवनसवारो'
मिष्ठी के लिए सलाद
मिष्ठी के लिए सलाद
Manu Vashistha
हटा 370 धारा
हटा 370 धारा
लक्ष्मी सिंह
ताजन हजार
ताजन हजार
डॉ०छोटेलाल सिंह 'मनमीत'
आज वो भी भारत माता की जय बोलेंगे,
आज वो भी भारत माता की जय बोलेंगे,
Minakshi
Life
Life
C.K. Soni
*
*"मर्यादा पुरूषोत्तम श्री राम"*
Shashi kala vyas
मन को समझाने
मन को समझाने
sushil sarna
बहुत असमंजस में हूँ मैं
बहुत असमंजस में हूँ मैं
gurudeenverma198
~~तीन~~
~~तीन~~
Dr. Vaishali Verma
वो मिलकर मौहब्बत में रंग ला रहें हैं ।
वो मिलकर मौहब्बत में रंग ला रहें हैं ।
Phool gufran
मिलेंगे इक रोज तसल्ली से हम दोनों
मिलेंगे इक रोज तसल्ली से हम दोनों
ब्रजनंदन कुमार 'विमल'
फिर एक समस्या
फिर एक समस्या
A🇨🇭maanush
■ हाल-बेहाल...
■ हाल-बेहाल...
*Author प्रणय प्रभात*
🥀 *अज्ञानी की कलम*🥀
🥀 *अज्ञानी की कलम*🥀
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
Loading...