Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
25 May 2023 · 1 min read

त्याग

निकलो न बेपरवाह,
हवा बहुत सर्द है,
हो गुलाब की तरह!
नाजुक, मासूम, खूबसूरत,
महंँक बिखेरने के लिए,
सुंदर दिखने के लिए,
संस्कृति की प्रतीक!
पर समझता कौन?
अनपढ़; निरक्षर;
जिसे है, गेहूंँ की फिक्र,
भूख मिटाने की;
पेट की;
तन की;
वह तो गुलाब को
कुचलना जानता है,
मसलना जानता है,
वह दिल-ए-बेजार,
बड़ा बेदर्द है,
निकलो न बेपरवाह,
हवा बहुत सर्द है।

मौलिक व स्वरचित
©® श्री रमण ‘श्रीपद्’
बेगूसराय, (बिहार)

2 Likes · 205 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from डॉ. श्री रमण 'श्रीपद्'
View all
You may also like:
एक बेटी हूं मैं
एक बेटी हूं मैं
Anil "Aadarsh"
सुनी चेतना की नहीं,
सुनी चेतना की नहीं,
सत्यम प्रकाश 'ऋतुपर्ण'
ग़ज़ल/नज़्म - उसका प्यार जब से कुछ-कुछ गहरा हुआ है
ग़ज़ल/नज़्म - उसका प्यार जब से कुछ-कुछ गहरा हुआ है
अनिल कुमार
ये आरजू फिर से दिल में जागी है
ये आरजू फिर से दिल में जागी है
shabina. Naaz
यूनिवर्सिटी नहीं केवल वहां का माहौल बड़ा है।
यूनिवर्सिटी नहीं केवल वहां का माहौल बड़ा है।
Rj Anand Prajapati
💐प्रेम कौतुक-500💐
💐प्रेम कौतुक-500💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
सब को प्रभु दो स्वस्थ तन ,सबको सुख का वास (कुंडलिया)
सब को प्रभु दो स्वस्थ तन ,सबको सुख का वास (कुंडलिया)
Ravi Prakash
Canine Friends
Canine Friends
Dhriti Mishra
सफर है! रात आएगी
सफर है! रात आएगी
Saransh Singh 'Priyam'
नेह का दीपक
नेह का दीपक
Arti Bhadauria
आप वही करें जिससे आपको प्रसन्नता मिलती है।
आप वही करें जिससे आपको प्रसन्नता मिलती है।
लक्ष्मी सिंह
ब्रांड. . . .
ब्रांड. . . .
sushil sarna
* चली रे चली *
* चली रे चली *
DR ARUN KUMAR SHASTRI
सदा प्रसन्न रहें जीवन में, ईश्वर का हो साथ।
सदा प्रसन्न रहें जीवन में, ईश्वर का हो साथ।
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
एक ऐसा दृश्य जो दिल को दर्द से भर दे और आंखों को आंसुओं से।
एक ऐसा दृश्य जो दिल को दर्द से भर दे और आंखों को आंसुओं से।
Rekha khichi
मायके से लौटा मन
मायके से लौटा मन
Shweta Soni
ऑनलाइन फ्रेंडशिप
ऑनलाइन फ्रेंडशिप
Dr. Pradeep Kumar Sharma
जिंदगी है कि जीने का सुरूर आया ही नहीं
जिंदगी है कि जीने का सुरूर आया ही नहीं
Deepak Baweja
परेशां सोच से
परेशां सोच से
Dr fauzia Naseem shad
नाजुक देह में ज्वाला पनपे
नाजुक देह में ज्वाला पनपे
कवि दीपक बवेजा
कुप्रथाएं.......एक सच
कुप्रथाएं.......एक सच
Neeraj Agarwal
जिंदगी की सांसे
जिंदगी की सांसे
Harminder Kaur
"वक्त की औकात"
Ekta chitrangini
मौहब्बत अक्स है तेरा इबादत तुझको करनी है ।
मौहब्बत अक्स है तेरा इबादत तुझको करनी है ।
Phool gufran
सुन लो मंगल कामनायें
सुन लो मंगल कामनायें
Buddha Prakash
लगाये तुमको हम यह भोग,कुंवर वीर तेजाजी
लगाये तुमको हम यह भोग,कुंवर वीर तेजाजी
gurudeenverma198
सत्य से सबका परिचय कराएं आओ कुछ ऐसा करें
सत्य से सबका परिचय कराएं आओ कुछ ऐसा करें
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
चींटी रानी
चींटी रानी
Manu Vashistha
अजीब मानसिक दौर है
अजीब मानसिक दौर है
पूर्वार्थ
तेरी मधुर यादें
तेरी मधुर यादें
Dr. Ramesh Kumar Nirmesh
Loading...