Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
22 May 2023 · 1 min read

तिलक-विआह के तेलउँस खाना

तारल मछरी, मुर्गा, सब्जी छानल भात मिठाई
शादिन के इ तेलउँस खाना तेल निकाले भाई

पूँडी के आटा में खूबे डालल जात रिफाइन
ऊपर से भरपेट खिआवे लो साढ़ू-सढ़ुआइन

चाउर में तऽ तेल डालि के जात हवे अब छानल
खायेक परे मजबूरी में काम करे ना ठानल

मछरी तबले तारल जाता जबले बने चमोटी
एसे तऽ नीमन बा खाइल सूखल-पाकल रोटी

सब्जी में सब्जी से बेसी तेल लगे उतराए
कवर उठावत छुटे पसीना देहि लगे छितराये

परवल अउर करेला, भिंडी, जात हवे अब तारल
ई समाज का निमनो मनई के चाहत बा मारल

तिलक बिआहे के खाना अब रोज बनावे रोगी
अधिक तेल हऽ जहर सरीखा जे खाई ऊ भोगी

– आकाश महेशपुरी
दिनांक- 21/05/2023

2 Likes · 338 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
💐प्रेम कौतुक-240💐
💐प्रेम कौतुक-240💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
देकर हुनर कलम का,
देकर हुनर कलम का,
Satish Srijan
तेरा ही नाम ले लेकर रोज़ इबादत करती हूँ,
तेरा ही नाम ले लेकर रोज़ इबादत करती हूँ,
Vaishnavi Gupta (Vaishu)
जय शिव शंकर ।
जय शिव शंकर ।
Anil Mishra Prahari
फायदा उठाया है उसने अपने पद का
फायदा उठाया है उसने अपने पद का
कवि दीपक बवेजा
Be happy with the little that you have, there are people wit
Be happy with the little that you have, there are people wit
पूर्वार्थ
संजय सनातन की कविता संग्रह गुल्लक
संजय सनातन की कविता संग्रह गुल्लक
Paras Nath Jha
"ई-रिश्ते"
Dr. Kishan tandon kranti
रविदासाय विद् महे, काशी बासाय धी महि।
रविदासाय विद् महे, काशी बासाय धी महि।
दुष्यन्त 'बाबा'
पुकारती है खनकती हुई चूड़ियाँ तुमको।
पुकारती है खनकती हुई चूड़ियाँ तुमको।
Neelam Sharma
23/75.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/75.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
■ एक_पैग़ाम :-
■ एक_पैग़ाम :-
*Author प्रणय प्रभात*
अंतर्जाल यात्रा
अंतर्जाल यात्रा
Dr. Sunita Singh
तुम्हारे स्वप्न अपने नैन में हर पल संजोती हूँ
तुम्हारे स्वप्न अपने नैन में हर पल संजोती हूँ
Dr Archana Gupta
भरे हृदय में पीर
भरे हृदय में पीर
विनोद वर्मा ‘दुर्गेश’
बचपन का प्यार
बचपन का प्यार
Vandna Thakur
कीमत
कीमत
Ashwani Kumar Jaiswal
राम की धुन
राम की धुन
Ghanshyam Poddar
राखी की सौगंध
राखी की सौगंध
Dr. Pradeep Kumar Sharma
*मैं वर्तमान की नारी हूं।*
*मैं वर्तमान की नारी हूं।*
Dushyant Kumar
सच कहना जूठ कहने से थोड़ा मुश्किल होता है, क्योंकि इसे कहने म
सच कहना जूठ कहने से थोड़ा मुश्किल होता है, क्योंकि इसे कहने म
ruby kumari
*आया चैत सुहावना,ऋतु पावन मधुमास (कुंडलिया)*
*आया चैत सुहावना,ऋतु पावन मधुमास (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
घर घर रंग बरसे
घर घर रंग बरसे
Rajesh Tiwari
मुक्तक
मुक्तक
जगदीश शर्मा सहज
अब मेरी आँखों ने आँसुओ को पीना सीख लिया है,
अब मेरी आँखों ने आँसुओ को पीना सीख लिया है,
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
Shabdo ko adhro par rakh ke dekh
Shabdo ko adhro par rakh ke dekh
Sakshi Tripathi
गीतिका-
गीतिका-
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
My City
My City
Aman Kumar Holy
जल सिंधु नहीं तुम शब्द सिंधु हो।
जल सिंधु नहीं तुम शब्द सिंधु हो।
कार्तिक नितिन शर्मा
माँ की याद आती है ?
माँ की याद आती है ?
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
Loading...