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25 Feb 2019 · 1 min read

तकदीर

दूसरे का हक छीन कर
बनाते हो तकदीर अपनी
ताकते बाजुओ में लाओ
फिर बनाओ तकदीर अपनी

मत बैठो भरोसे
तकदीर दोस्त
मेहनत करो और
संवारो तकदीर दोस्त

तकदीरे भरोसे
बैठता गर सिकन्दर दोस्त
नहीं होता पूरा
फतैह दुनियाँ का सपना दोस्त

अलसी लोगों का जुल्मा है
तकदीर में नहीं दोस्त
पक्के इरादों से जुट जाए
गर तू काहे का भाग्य और
काहे की तकदीर दोस्त

पताका फैलाना है गर
अपनी सफलता का दोस्त
मत बैठो भरोसे तकदीर
जुट जाओ
अपने लक्ष्य पर मेरे दोस्त

स्वलिखित लेखक संतोष श्रीवास्तव
भोपाल

Language: Hindi
2 Likes · 456 Views
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