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17 May 2024 · 1 min read

ढोलकों की थाप पर फगुहा सुनाई दे रहे।

मुक्तक

ढोलकों की थाप पर फगुहा सुनाई दे रहे।
भंग में बहके हुए भंवरें गवाही दे रहे।
आ गई होली यही अहसास सबको हो रहा।
आसमां में रंग होली के दिखाई दे रहे।

………✍️ सत्य कुमार प्रेमी

Language: Hindi
24 Views
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