Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
23 Jul 2019 · 1 min read

डर

आँखें चौन्धिया गई
उस डर के खबर पर
लिखा था जिसमें
डर की वज़ह
और मेरे डर में
उसका डर पैठ गया.

Language: Hindi
410 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
मन में मदिरा पाप की,
मन में मदिरा पाप की,
sushil sarna
यहा हर इंसान दो चहरे लिए होता है,
यहा हर इंसान दो चहरे लिए होता है,
Happy sunshine Soni
*
*"जहां भी देखूं नजर आते हो तुम"*
Shashi kala vyas
*सर्राफे में चॉंदी के व्यवसाय का बदलता स्वरूप*
*सर्राफे में चॉंदी के व्यवसाय का बदलता स्वरूप*
Ravi Prakash
बेजुबान तस्वीर
बेजुबान तस्वीर
Neelam Sharma
Dr Arun Kumar shastri
Dr Arun Kumar shastri
DR ARUN KUMAR SHASTRI
कोई नयनों का शिकार उसके
कोई नयनों का शिकार उसके
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
3418⚘ *पूर्णिका* ⚘
3418⚘ *पूर्णिका* ⚘
Dr.Khedu Bharti
Global climatic change and it's impact on Human life
Global climatic change and it's impact on Human life
Shyam Sundar Subramanian
इस उरुज़ का अपना भी एक सवाल है ।
इस उरुज़ का अपना भी एक सवाल है ।
Phool gufran
सात जन्मों की शपथ
सात जन्मों की शपथ
Bodhisatva kastooriya
रमणीय प्रेयसी
रमणीय प्रेयसी
Pratibha Pandey
*अज्ञानी की कलम*
*अज्ञानी की कलम*
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी
राजस्थान
राजस्थान
Anil chobisa
सबसे प्यारा माॅ॑ का ऑ॑चल
सबसे प्यारा माॅ॑ का ऑ॑चल
VINOD CHAUHAN
ये मौसम ,हाँ ये बादल, बारिश, हवाएं, सब कह रहे हैं कितना खूबस
ये मौसम ,हाँ ये बादल, बारिश, हवाएं, सब कह रहे हैं कितना खूबस
Swara Kumari arya
एक डरा हुआ शिक्षक एक रीढ़विहीन विद्यार्थी तैयार करता है, जो
एक डरा हुआ शिक्षक एक रीढ़विहीन विद्यार्थी तैयार करता है, जो
Ranjeet kumar patre
मेरी कलम......
मेरी कलम......
Naushaba Suriya
सोच और हम
सोच और हम
Neeraj Agarwal
ज़िन्दगी एक बार मिलती हैं, लिख दें अपने मन के अल्फाज़
ज़िन्दगी एक बार मिलती हैं, लिख दें अपने मन के अल्फाज़
Lokesh Sharma
१.भगवान  श्री कृष्ण  अर्जुन के ही सारथि नही थे वे तो पूरे वि
१.भगवान श्री कृष्ण अर्जुन के ही सारथि नही थे वे तो पूरे वि
Piyush Goel
"विपक्ष" के पास
*प्रणय प्रभात*
न मौत आती है ,न घुटता है दम
न मौत आती है ,न घुटता है दम
Shweta Soni
मुक्तक-
मुक्तक-
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
कांग्रेस की आत्महत्या
कांग्रेस की आत्महत्या
Sanjay ' शून्य'
बात न बनती युद्ध से, होता बस संहार।
बात न बनती युद्ध से, होता बस संहार।
डॉ.सीमा अग्रवाल
जिंदगी को बोझ मान
जिंदगी को बोझ मान
भरत कुमार सोलंकी
News
News
बुलंद न्यूज़ news
एक बूढ़ा बरगद ही अकेला रहा गया है सफ़र में,
एक बूढ़ा बरगद ही अकेला रहा गया है सफ़र में,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
उठो पुत्र लिख दो पैगाम
उठो पुत्र लिख दो पैगाम
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
Loading...