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5 Jun 2016 · 1 min read

छल फरेब

टूटता साथ अब बनाना है !
दूरियाँ आज सब मिटाना है !
हो न अब छल फरेब आपस में !
आज विश्वास ये जमाना है !!

आलोक मित्तल उदित
रायपुर

Language: Hindi
Tag: मुक्तक
251 Views
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