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27 Mar 2024 · 1 min read

टूटकर, बिखर कर फ़िर सवरना…

टूटकर, बिखर कर फ़िर सवरना…
बेहद मुश्किल होता है जीवन की इस राह से गुज़रना…।।।
ज्योति खारी

2 Likes · 50 Views
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