Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
15 Jan 2020 · 1 min read

झंडा गायन (स्वतंत्रता गणतंत्रता दिवस) देश का ये तिरंगा…

झंडा गायन (स्वतंत्रता गणतंत्रता दिवस)

देश का ये तिरंगा झुका है कहाँ
वो थे पागल जो उसको झुकाने चले
सरफरोसो की तमन्ना से बना ये ध्वज
पूरे विश्व को इसे हम दिखाने चले …

देश का ये तिरंगा झुका है कहाँ
वो थे पागल जो उसको झुकाने चले
सरफरोसो की तमन्ना से बना ये ध्वज
पूरे विश्व को इसे हम दिखाने चले

लोटता है ये जब एक शहीद के संग
सबको दिल से अपने लगाता है ये
तिरंगे के ही साये मे रोज हर एक पल
देश को यूहीं आगे बढ़ाता है ये
बढ़ता जाये मेरा ध्वज बस मनसा यही
अपने शौर्य और यश को यू बढाता रहे
करके हर एक को नव ऊर्जा मे अब
है यही आश सब मे जलाने चले
वो थे पागल जो उसको झुकाने चले
सरफरोसो की तमन्ना से बना ये ध्वज
पूरे विश्व को इसे हम दिखाने चले
पूरे विश्व को यही अब दिखाने चले…

सबकी सांसो मे बसा ये राष्ट्र ध्वज
रोज झिलमिल यूहीं लहराता रहे
सेना के जोश से सबके सरफरोस से
रोज तिरंगा ये सबको बढाता रहे
एक दिन आ जाये तेरे ही काम
प्रण मिल के ये सब हम बनाने चले
वो थे पागल जो उसको झुकाने चले
सरफरोसो की तमन्ना से बना ये ध्वज
पूरे विश्व को इसे हम दिखाने चले …

देश का ये तिरंगा झुका है कहाँ
वो थे पागल जो उसको झुकाने चले
सरफरोसो की तमन्ना से बना ये ध्वज
पूरे विश्व को इसे हम दिखाने चले

लक्ष्मी नारायण उपाध्याय

तर्ज :- वक्त का ये परिन्दा रुका है कहाँ

Language: Hindi
Tag: गीत
1 Like · 655 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
बोलते हैं जैसे सारी सृष्टि भगवान चलाते हैं ना वैसे एक पूरा प
बोलते हैं जैसे सारी सृष्टि भगवान चलाते हैं ना वैसे एक पूरा प
Vandna thakur
उसे तो आता है
उसे तो आता है
Manju sagar
मैं इश्क़ की बातें ना भी करूं फ़िर भी वो इश्क़ ही समझती है
मैं इश्क़ की बातें ना भी करूं फ़िर भी वो इश्क़ ही समझती है
Nilesh Premyogi
पत्थर तोड़ती औरत!
पत्थर तोड़ती औरत!
कविता झा ‘गीत’
एकतरफा सारे दुश्मन माफ किये जाऐं
एकतरफा सारे दुश्मन माफ किये जाऐं
Maroof aalam
बनारस की धारों में बसी एक ख़ुशबू है,
बनारस की धारों में बसी एक ख़ुशबू है,
Sahil Ahmad
नाम लिख तो लिया
नाम लिख तो लिया
SHAMA PARVEEN
मजदूर
मजदूर
Preeti Sharma Aseem
2751. *पूर्णिका*
2751. *पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
हो मेहनत सच्चे दिल से,अक्सर परिणाम बदल जाते हैं
हो मेहनत सच्चे दिल से,अक्सर परिणाम बदल जाते हैं
पूर्वार्थ
कभी जब आपका दीदार होगा
कभी जब आपका दीदार होगा
सत्य कुमार प्रेमी
■ आज की बात
■ आज की बात
*प्रणय प्रभात*
सीसे में चित्र की जगह चरित्र दिख जाए तो लोग आइना देखना बंद क
सीसे में चित्र की जगह चरित्र दिख जाए तो लोग आइना देखना बंद क
Lokesh Sharma
इल्म
इल्म
Bodhisatva kastooriya
Started day with the voice of nature
Started day with the voice of nature
Ankita Patel
बड़ा भोला बड़ा सज्जन हूँ दीवाना मगर ऐसा
बड़ा भोला बड़ा सज्जन हूँ दीवाना मगर ऐसा
आर.एस. 'प्रीतम'
मित्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
मित्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
Dr Archana Gupta
फूल तो फूल होते हैं
फूल तो फूल होते हैं
Neeraj Agarwal
किसी मोड़ पर अब रुकेंगे नहीं हम।
किसी मोड़ पर अब रुकेंगे नहीं हम।
surenderpal vaidya
कविता 10 🌸माँ की छवि 🌸
कविता 10 🌸माँ की छवि 🌸
Mahima shukla
चिड़िया
चिड़िया
Dr. Pradeep Kumar Sharma
"क्या बताएँ तुम्हें"
Dr. Kishan tandon kranti
यशोधरा के प्रश्न गौतम बुद्ध से
यशोधरा के प्रश्न गौतम बुद्ध से
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
हर इश्क में रूह रोता है
हर इश्क में रूह रोता है
Pratibha Pandey
इश्क
इश्क
Neeraj Mishra " नीर "
सिर्फ़ वादे ही निभाने में गुज़र जाती है
सिर्फ़ वादे ही निभाने में गुज़र जाती है
अंसार एटवी
शिक्षित लोग
शिक्षित लोग
Raju Gajbhiye
तेरा एहसास
तेरा एहसास
Dr fauzia Naseem shad
*मची हैं हर तरफ ऑंसू की, हाहाकार की बातें (हिंदी गजल)*
*मची हैं हर तरफ ऑंसू की, हाहाकार की बातें (हिंदी गजल)*
Ravi Prakash
सदा खुश रहो ये दुआ है मेरी
सदा खुश रहो ये दुआ है मेरी
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
Loading...