Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
4 Jan 2024 · 1 min read

जो धधक रहे हैं ,दिन – रात मेहनत की आग में

जो धधक रहे हैं ,दिन – रात मेहनत की आग में
एक दिन जरूर आएगा बहार उनके भी बाग़ में
अभी सबको कड़वा लग रहा है,मेरा हर लफ्ज़
किसी दिन आ जायेगा मिठास मेरे भी राग में
क्यूं घबराया जाए जीवन में असफलताओं से
समय आने पर मिल जाएगा जो है मेरे भाग में

– केशव

194 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
2965.*पूर्णिका*
2965.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
देव विनायक वंदना
देव विनायक वंदना
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
■सामयिक दोहा■
■सामयिक दोहा■
*Author प्रणय प्रभात*
"जोकर"
Dr. Kishan tandon kranti
*भीड बहुत है लोग नहीं दिखते* ( 11 of 25 )
*भीड बहुत है लोग नहीं दिखते* ( 11 of 25 )
Kshma Urmila
मुस्कुराहट
मुस्कुराहट
Naushaba Suriya
अगर न बने नये रिश्ते ,
अगर न बने नये रिश्ते ,
शेखर सिंह
जिंदगी का सफर
जिंदगी का सफर
Gurdeep Saggu
न छीनो मुझसे मेरे गम
न छीनो मुझसे मेरे गम
Mahesh Tiwari 'Ayan'
(19) तुझे समझ लूँ राजहंस यदि----
(19) तुझे समझ लूँ राजहंस यदि----
Kishore Nigam
तुझे स्पर्श न कर पाई
तुझे स्पर्श न कर पाई
Dr fauzia Naseem shad
पत्नी के डबल रोल
पत्नी के डबल रोल
Slok maurya "umang"
बारिश
बारिश
Punam Pande
रात के बाद सुबह का इंतजार रहता हैं।
रात के बाद सुबह का इंतजार रहता हैं।
Neeraj Agarwal
💐प्रेम कौतुक-530💐
💐प्रेम कौतुक-530💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
It always seems impossible until It's done
It always seems impossible until It's done
Naresh Kumar Jangir
"शिष्ट लेखनी "
DrLakshman Jha Parimal
तुम ने हम को जितने  भी  गम दिये।
तुम ने हम को जितने भी गम दिये।
Surinder blackpen
संवेदना मर रही
संवेदना मर रही
Ritu Asooja
तनाव ना कुछ कर पाने या ना कुछ पाने की जनतोजहत  का नही है ज्य
तनाव ना कुछ कर पाने या ना कुछ पाने की जनतोजहत का नही है ज्य
पूर्वार्थ
जीवन
जीवन
Santosh Shrivastava
डॉ अरूण कुमार शास्त्री
डॉ अरूण कुमार शास्त्री
DR ARUN KUMAR SHASTRI
बगिया के गाछी आउर भिखमंगनी बुढ़िया / MUSAFIR BAITHA
बगिया के गाछी आउर भिखमंगनी बुढ़िया / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर उन्हें नमन।
मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर उन्हें नमन।
Paras Nath Jha
Love yourself
Love yourself
आकांक्षा राय
मोहब्बत, हर किसी के साथ में नहीं होती
मोहब्बत, हर किसी के साथ में नहीं होती
Vishal babu (vishu)
विचार
विचार
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
लिफाफे में दिया क्या है (मुक्तक)
लिफाफे में दिया क्या है (मुक्तक)
Ravi Prakash
नैन खोल मेरी हाल देख मैया
नैन खोल मेरी हाल देख मैया
Basant Bhagawan Roy
मेरे खाते में भी खुशियों का खजाना आ गया।
मेरे खाते में भी खुशियों का खजाना आ गया।
सत्य कुमार प्रेमी
Loading...