Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
12 Jul 2016 · 1 min read

जीना हैं मुझे आज में

नही जीना हैं कल में
जीना हैं मुझे आज में
आशा-विश्वास के रंग
घोलेंगे आज पल में

कल क्या थे भूल के
मस्ती करेंगे हरपल में
खुशियों की बिखेरेंगे फूल
आज ज़िंदगी की गलियों में

झुलेंगे हवाँ के साथ
दरख्त की डाल में
गीत गायेंगे झुमेंगे आज
पुरवा की महकती शाम में

कौन जाने क्या होगा कल
जीना है मुझे आज में
फिर ना मिलेगा ऐसा पल
हैं स्वर्ग इस धरातल में

छोड़ दुनिया-दारी तू भी
आ रंग जा आज में
जैसे जीना हैं जी ले
प्रतिब्ध न रह मोह में

Language: Hindi
Tag: कविता
211 Views
You may also like:
विचार
मनोज शर्मा
*एक पुराना तन*
अनिल अहिरवार
बर्बादी का तमाशा
Seema 'Tu hai na'
बहुत कुछ कहना है
Ankita
भैंस के आगे बीन बजाना
Vishnu Prasad 'panchotiya'
चेतावनी
Shekhar Chandra Mitra
मिलेंगे लोग कुछ ऐसे गले हॅंसकर लगाते हैं।
सत्य कुमार प्रेमी
अपनी पहचान को
Dr fauzia Naseem shad
✍️भरोसा✍️
'अशांत' शेखर
भय की आहट
Buddha Prakash
*चुनाव के मौसम में नाराज फूफा (हास्य-व्यंग्य )*
Ravi Prakash
वर्तमान
Saraswati Bajpai
खिलौने भी तब मिले
Satish Srijan
*** " मनोवृत्ति...!!! ***
VEDANTA PATEL
मूल्य
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
-पहले आत्मसम्मान फिर सबका सम्मान
Seema gupta ( bloger) Gupta
इंतजार की हद
shabina. Naaz
बस तू चाहिए
Harshvardhan "आवारा"
■ नैसर्गिक न्याय
*Author प्रणय प्रभात*
तुमसे इस तरह नफरत होने लगी
gurudeenverma198
तितली
Manshwi Prasad
"हिंदी से हिंद का रक्षण करें"
पंकज कुमार कर्ण
क्लास विच हिन्दी बोलनी चाहिदी
विनोद सिल्ला
जीवन की तलाश
Taran Singh Verma
सृष्टि रचयिता यंत्र अभियंता हो आप
Chaudhary Sonal
शेर
Rajiv Vishal
टोकरी में छोकरी / (समकालीन गीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
ममता का यह कैसा परिवर्तन
Anamika Singh
वक्त के लम्हों ने रुलाया है।
Taj Mohammad
💐प्रेम की राह पर-60💐💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
Loading...