Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
21 Aug 2016 · 1 min read

जिनके दिलों में प्यार वतन का

नये सिरे से नये दौर में ,पहुँचो आज विचार में
जिनके दिलों में प्यार वतन का ,हम हैं उसी कतार में .

बुनियादी परिवर्तन की हम बात यहाँ करने वाले
सही बात है नये नये कुछ प्रतिमान गढ़ने वाले ,
आत्मसात हो दर्द पराया ,बस इसकी दरकार है .
जिनके दिलों में प्यार वतन का ———–

कदम बढ़े जो प्रगति पथ पर ,ध्यान रहे वे रुके नहीं
हिम्मत औ हौसला का परचम,विश्व पटल पर झुके नहीं ,
अपना मंदिर ,अपनी मस्जिद ,क्या रखा तकरार में .
जिनके दिलों में प्यार वतन का —————-

खुदको जबतक हम ना बदलेंगे ,दुनिया को क्या बदलेंगे
बिना बचाए मानव मूल्य के ,भाव कहाँ फिर उबलेंगे ,
मिल जाए सबको हक अपना क्या कहना बिस्तार में .
जिनके दिलों में प्यार वतन का —————-

अलग समय और व्यक्ति के दृष्टिकोण हो सकते हैं
नये धरातल हो सकते हैं ,नये व्योम हो सकते हैं ,
हाथ पहूँच जाए आशा की ,संभावना के द्वार में .
जिनके दिलों में प्यार वतन का …………..

*****************************************

Language: Hindi
1 Like · 339 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
बड़ी मछली सड़ी मछली
बड़ी मछली सड़ी मछली
Dr MusafiR BaithA
सत्य को अपना बना लो,
सत्य को अपना बना लो,
Buddha Prakash
*गाओ  सब  जन  भारती , भारत जिंदाबाद   भारती*   *(कुंडलिया)*
*गाओ सब जन भारती , भारत जिंदाबाद भारती* *(कुंडलिया)*
Ravi Prakash
अगर.... किसीसे ..... असीम प्रेम करो तो इतना कर लेना की तुम्ह
अगर.... किसीसे ..... असीम प्रेम करो तो इतना कर लेना की तुम्ह
पूर्वार्थ
मैं चाहता हूँ अब
मैं चाहता हूँ अब
gurudeenverma198
पैसा बोलता है
पैसा बोलता है
Mukesh Kumar Sonkar
कमीजें
कमीजें
Madhavi Srivastava
प्रकृति पर कविता
प्रकृति पर कविता
कवि अनिल कुमार पँचोली
बदली - बदली हवा और ये जहाँ बदला
बदली - बदली हवा और ये जहाँ बदला
सिद्धार्थ गोरखपुरी
ज़िन्दगी का सफ़र
ज़िन्दगी का सफ़र
Sidhartha Mishra
जिंदगी तेरी हर अदा कातिलाना है।
जिंदगी तेरी हर अदा कातिलाना है।
Surinder blackpen
कल रात सपने में प्रभु मेरे आए।
कल रात सपने में प्रभु मेरे आए।
Kumar Kalhans
तुम चंद्रछवि मृगनयनी हो, तुम ही तो स्वर्ग की रंभा हो,
तुम चंद्रछवि मृगनयनी हो, तुम ही तो स्वर्ग की रंभा हो,
SPK Sachin Lodhi
जाने इतनी बेहयाई तुममें कहां से आई है ,
जाने इतनी बेहयाई तुममें कहां से आई है ,
ओनिका सेतिया 'अनु '
उम्मीदें ज़िंदगी की
उम्मीदें ज़िंदगी की
Dr fauzia Naseem shad
☝विशेष दिन : अनूठा_उपाय....
☝विशेष दिन : अनूठा_उपाय....
*Author प्रणय प्रभात*
मेरा भूत
मेरा भूत
हिमांशु Kulshrestha
"नजीर"
Dr. Kishan tandon kranti
श्री श्याम भजन
श्री श्याम भजन
Khaimsingh Saini
बहुत वो साफ सुधरी ड्रेस में स्कूल आती थी।
बहुत वो साफ सुधरी ड्रेस में स्कूल आती थी।
विजय कुमार नामदेव
कहीं भी जाइए
कहीं भी जाइए
Ranjana Verma
इंतजार करते रहे हम उनके  एक दीदार के लिए ।
इंतजार करते रहे हम उनके एक दीदार के लिए ।
Yogendra Chaturwedi
विजया दशमी की हार्दिक बधाई शुभकामनाएं 🎉🙏
विजया दशमी की हार्दिक बधाई शुभकामनाएं 🎉🙏
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
कभी गुज़र न सका जो गुज़र गया मुझमें
कभी गुज़र न सका जो गुज़र गया मुझमें
Shweta Soni
जागेगा अवाम
जागेगा अवाम
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
छत्तीसगढ़ के युवा नेता शुभम दुष्यंत राणा Shubham Dushyant Rana
छत्तीसगढ़ के युवा नेता शुभम दुष्यंत राणा Shubham Dushyant Rana
Bramhastra sahityapedia
पुलिस बनाम लोकतंत्र (व्यंग्य) +रमेशराज
पुलिस बनाम लोकतंत्र (व्यंग्य) +रमेशराज
कवि रमेशराज
23/98.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/98.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
बचे जो अरमां तुम्हारे दिल में
बचे जो अरमां तुम्हारे दिल में
Ram Krishan Rastogi
ये जीवन जीने का मूल मंत्र कभी जोड़ना कभी घटाना ,कभी गुणा भाग
ये जीवन जीने का मूल मंत्र कभी जोड़ना कभी घटाना ,कभी गुणा भाग
Shashi kala vyas
Loading...