Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
22 May 2023 · 1 min read

जिंदगी के कुछ चैप्टर ऐसे होते हैं,

जिंदगी के कुछ चैप्टर ऐसे होते हैं,
जिन्हें आज नहीं तो कल बंद होना ही है,
इसलिए जो चीज़ें आपके लिए हैं ही नहीं,
उन्हें ज़बरदस्ती पकड़ने से कोई फायदा नहीं है..

Vishal

1 Like · 250 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
मेरे अंशुल तुझ बिन.....
मेरे अंशुल तुझ बिन.....
Santosh Soni
*अहंकार *
*अहंकार *
DR ARUN KUMAR SHASTRI
■ आज का शेर दिल की दुनिया से।।
■ आज का शेर दिल की दुनिया से।।
*Author प्रणय प्रभात*
*माटी की संतान- किसान*
*माटी की संतान- किसान*
Harminder Kaur
खोखली बुनियाद
खोखली बुनियाद
Shekhar Chandra Mitra
ये साँसे जब तक मुसलसल चलती है
ये साँसे जब तक मुसलसल चलती है
'अशांत' शेखर
नहीं कोई लगना दिल मुहब्बत की पुजारिन से,
नहीं कोई लगना दिल मुहब्बत की पुजारिन से,
शायर देव मेहरानियां
ख्वाब हो गए हैं वो दिन
ख्वाब हो गए हैं वो दिन
shabina. Naaz
विचार
विचार
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
💐अज्ञात के प्रति-13💐
💐अज्ञात के प्रति-13💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
मां तेरा कर्ज ये तेरा बेटा कैसे चुकाएगा।
मां तेरा कर्ज ये तेरा बेटा कैसे चुकाएगा।
Rj Anand Prajapati
India is my national
India is my national
Rajan Sharma
जीवन में
जीवन में
ओंकार मिश्र
तुम्ही बताओ आज सभासद है ये प्रशन महान
तुम्ही बताओ आज सभासद है ये प्रशन महान
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
*
*"मजदूर की दो जून रोटी"*
Shashi kala vyas
बरगद और बुजुर्ग
बरगद और बुजुर्ग
Dr. Pradeep Kumar Sharma
धोखे से मारा गद्दारों,
धोखे से मारा गद्दारों,
Satish Srijan
"मिर्च"
Dr. Kishan tandon kranti
विधवा
विधवा
Acharya Rama Nand Mandal
हर इंसान वो रिश्ता खोता ही है,
हर इंसान वो रिश्ता खोता ही है,
Rekha khichi
जलपरी
जलपरी
लक्ष्मी सिंह
चुनिंदा अश'आर
चुनिंदा अश'आर
Dr fauzia Naseem shad
तुमसे मैं प्यार करता हूँ
तुमसे मैं प्यार करता हूँ
gurudeenverma198
ग़ज़ल सगीर
ग़ज़ल सगीर
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
जग में सबके घर हुए ,कभी शोक-संतप्त (कुंडलिया)*
जग में सबके घर हुए ,कभी शोक-संतप्त (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
"एक नज़्म तुम्हारे नाम"
Lohit Tamta
तुम मत खुरेचना प्यार में ,पत्थरों और वृक्षों के सीने
तुम मत खुरेचना प्यार में ,पत्थरों और वृक्षों के सीने
श्याम सिंह बिष्ट
धूमिल होती यादों का, आज भी इक ठिकाना है।
धूमिल होती यादों का, आज भी इक ठिकाना है।
Manisha Manjari
प्रकृति ने अंँधेरी रात में चांँद की आगोश में अपने मन की सुंद
प्रकृति ने अंँधेरी रात में चांँद की आगोश में अपने मन की सुंद
Neerja Sharma
धर्म
धर्म
पंकज कुमार कर्ण
Loading...