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4 Mar 2019 · 1 min read

जवाब वाला खत

तुम्हारा लिखा वो खत
वो खत जो मुझे मजबूर कर रहा था
खता करने से
वो खत जिसे तुमने चुपके से रख दिया था
मेरे छत की बालकनी में
और गायब ही हो गयी थी
ये जाने बिना की
क्या सचमुच वही पनप रहा था
मेरे भीतर भी
जिसका जिक्र तुमने किया था खत में
तुम्हारे लिखे उस खत को फाड़ दिया था मैंने
और फेंक आया था कूड़ेदान में
जो तुमने देख लिया था शायद इसलिए
तुमने ना कभी जवाब माँगा
ना ही अपनी भावनाओं के कतरे जाने का हिसाब माँगा
तुम्हारा जाना खटक गया था मुझे
तुम्हारा न होना तड़पा गया था मुझे
तुम्हे कैसे बताऊँ ,मैंने भी लिख रखा था
तुम्हारे लिए
जवाब वाला खत
पर तुम्हे दे नहीं पाया
कुछ डरता था दुनिया से
और कुछ डरता था अपनी किस्मत से
शायद काबिल नहीं था तुम्हारे
इसलिए आज तक भेज नही पाया तुम्हे
मेरा जवाब वाला ख़त–अभिषेक राजहंस

Language: Hindi
367 Views
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