Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
1 Apr 2017 · 1 min read

जला हरपल मुहब्बत में

जला हरपल मुहब्बत में मेरी साँसे महकती है
खुमारी है अजब सी ये दिल मे शोला भड़कती है
लगे हर शै नया अब तो मेरी नज़रों से तुम देखो
तेरे पहलू में आने को हरपल मेरी जां तड़पती है

– ‘अश्क़’

Language: Hindi
1 Like · 270 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
सामी विकेट लपक लो, और जडेजा कैच।
सामी विकेट लपक लो, और जडेजा कैच।
गुमनाम 'बाबा'
गाय
गाय
Dr. Pradeep Kumar Sharma
🌸प्रकृति 🌸
🌸प्रकृति 🌸
Mahima shukla
जुआं उन जोखिमों का कुंआ है जिसमे युधिष्ठिर अपना सर्वस्व हार
जुआं उन जोखिमों का कुंआ है जिसमे युधिष्ठिर अपना सर्वस्व हार
Rj Anand Prajapati
आंखो ने क्या नहीं देखा ...🙏
आंखो ने क्या नहीं देखा ...🙏
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
विशुद्ध व्याकरणीय
विशुद्ध व्याकरणीय
*प्रणय प्रभात*
हर शायर जानता है
हर शायर जानता है
Nanki Patre
सब को जीनी पड़ेगी ये जिन्दगी
सब को जीनी पड़ेगी ये जिन्दगी
गायक - लेखक अजीत कुमार तलवार
अपने आलोचकों को कभी भी नजरंदाज नहीं करें। वही तो है जो आपकी
अपने आलोचकों को कभी भी नजरंदाज नहीं करें। वही तो है जो आपकी
Paras Nath Jha
रुकना हमारा काम नहीं...
रुकना हमारा काम नहीं...
AMRESH KUMAR VERMA
मुक्तक
मुक्तक
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
बिन मांगे ही खुदा ने भरपूर दिया है
बिन मांगे ही खुदा ने भरपूर दिया है
हरवंश हृदय
"बहनों के संग बीता बचपन"
Ekta chitrangini
कसूर किसका
कसूर किसका
Swami Ganganiya
पहाड़ में गर्मी नहीं लगती घाम बहुत लगता है।
पहाड़ में गर्मी नहीं लगती घाम बहुत लगता है।
Brijpal Singh
दोहा
दोहा
ओम प्रकाश श्रीवास्तव
सरकारी नौकरी
सरकारी नौकरी
ब्रजनंदन कुमार 'विमल'
संसार एक जाल
संसार एक जाल
Mukesh Kumar Sonkar
"Let us harness the power of unity, innovation, and compassi
Rahul Singh
प्रेम हैं अनन्त उनमें
प्रेम हैं अनन्त उनमें
The_dk_poetry
.......... मैं चुप हूं......
.......... मैं चुप हूं......
Naushaba Suriya
*जिंदगी-नौका बिना पतवार है ( हिंदी गजल/गीतिका )*
*जिंदगी-नौका बिना पतवार है ( हिंदी गजल/गीतिका )*
Ravi Prakash
लडकियाँ
लडकियाँ
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
मुझे न कुछ कहना है
मुझे न कुछ कहना है
प्रेमदास वसु सुरेखा
कौर दो कौर की भूख थी
कौर दो कौर की भूख थी
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
२०२३
२०२३
Neelam Sharma
हम भी तो चाहते हैं, तुम्हें देखना खुश
हम भी तो चाहते हैं, तुम्हें देखना खुश
gurudeenverma198
बे-ख़ुद
बे-ख़ुद
Shyam Sundar Subramanian
हमारे हाथ से एक सबक:
हमारे हाथ से एक सबक:
पूर्वार्थ
दलित लेखक बिपिन बिहारी से परिचय कीजिए / MUSAFIR BAITHA
दलित लेखक बिपिन बिहारी से परिचय कीजिए / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
Loading...