Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
26 May 2023 · 1 min read

“चाहत ” ग़ज़ल

हर बला, सर से टल गई होती,
मेरी क़िस्मत, बदल गई होती।

देख लेता जो, मुस्कुरा के कभी,
आरज़ू, फिर मचल गई होती।

देखता एकटक, कैसे उसको,
ताब आँखों मेँ, भर गई होती।

आ जो जाता कभी, अयादत को,
मिरी तबियत, बहल गई होती।

नज़र उससे जो, मिल गई होती,
चाँदनी मुझमें, ढल गई होती।

हाथ दिल पे, कभी वो रख देता,
मिरी धड़कन, सम्हल गई होती।

दाद देता, कभी खुल के,”आशा”,
दिल की हसरत, निकल गई होती..!

##———-##——–

Language: Hindi
2 Likes · 1 Comment · 312 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
View all
You may also like:
अभी तो वो खफ़ा है लेकिन
अभी तो वो खफ़ा है लेकिन
gurudeenverma198
याद
याद
Kanchan Khanna
2754. *पूर्णिका*
2754. *पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
सावन म वैशाख समा गे
सावन म वैशाख समा गे
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
अर्थार्जन का सुखद संयोग
अर्थार्जन का सुखद संयोग
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
"सच्चाई"
Dr. Kishan tandon kranti
मेरे ख्याल से जीवन से ऊब जाना भी अच्छी बात है,
मेरे ख्याल से जीवन से ऊब जाना भी अच्छी बात है,
पूर्वार्थ
*मिला दूसरा संडे यदि तो, माँ ने वही मनाया【हिंदी गजल/गीतिका 】*
*मिला दूसरा संडे यदि तो, माँ ने वही मनाया【हिंदी गजल/गीतिका 】*
Ravi Prakash
मजदूर है हम
मजदूर है हम
Dinesh Kumar Gangwar
बाल कविता: मूंगफली
बाल कविता: मूंगफली
Rajesh Kumar Arjun
"हास्य व्यंग्य"
Radhakishan R. Mundhra
"प्रेमको साथी" (Premko Sathi) "Companion of Love"
Sidhartha Mishra
" महखना "
Pushpraj Anant
कभी किसी को इतनी अहमियत ना दो।
कभी किसी को इतनी अहमियत ना दो।
Annu Gurjar
जिनसे जिंदा हो,उनको कतल न करो
जिनसे जिंदा हो,उनको कतल न करो
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
चोर
चोर
Shyam Sundar Subramanian
बात
बात
Ajay Mishra
Thought
Thought
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
अधिकांश लोग बोल कर
अधिकांश लोग बोल कर
*Author प्रणय प्रभात*
फेसबुक पर सक्रिय रहितो अनजान हम बनल रहैत छी ! आहाँ बधाई शुभक
फेसबुक पर सक्रिय रहितो अनजान हम बनल रहैत छी ! आहाँ बधाई शुभक
DrLakshman Jha Parimal
मेरी आँखों से भी नींदों का रिश्ता टूट जाता है
मेरी आँखों से भी नींदों का रिश्ता टूट जाता है
Aadarsh Dubey
****प्रेम सागर****
****प्रेम सागर****
Kavita Chouhan
सत्य खोज लिया है जब
सत्य खोज लिया है जब
Buddha Prakash
दुकान वाली बुढ़िया
दुकान वाली बुढ़िया
अभिषेक पाण्डेय 'अभि ’
संत सनातनी बनना है तो
संत सनातनी बनना है तो
Satyaveer vaishnav
समीक्षा- रास्ता बनकर रहा (ग़ज़ल संग्रह)
समीक्षा- रास्ता बनकर रहा (ग़ज़ल संग्रह)
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
वक़्त ने जिनकी
वक़्त ने जिनकी
Dr fauzia Naseem shad
थोड़ा नमक छिड़का
थोड़ा नमक छिड़का
Surinder blackpen
जहर मिटा लो दर्शन कर के नागेश्वर भगवान के।
जहर मिटा लो दर्शन कर के नागेश्वर भगवान के।
सत्य कुमार प्रेमी
चाय पीने से पिलाने से नहीं होता है
चाय पीने से पिलाने से नहीं होता है
Manoj Mahato
Loading...