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15 Mar 2017 · 1 min read

चाँद ने फिर आज देखो

ओट में खुद को छिपाया चाँद ने फिर आज देखो
रात का घूँघट उठाया चाँद ने फिर आज देखो
खो गयी थी चाँदनी उसकी अमावस में कहीं पर
ढ़ूँढ कर सीने लगाया चाँद ने फिर आज देखो

डॉ अर्चना गुप्ता

Language: Hindi
239 Views
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