Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
13 Feb 2023 · 1 min read

चलो हमसफर यादों के शहर में

चलो महसफर यादों के शहर में
फिर से मुलाकाते होगी
फिर से नैन चार होगी
छुप छुप कर मिला करेंगे
लुक छुपकर बातें करेंगे
वही कॉफी बार में
उसी कप के साथ में
तुम शर्म से लिपट जाओगी
नजरे झुकार कर बैठ जाओगी
मैं छू लूंगा तेरी उंगलियों को
मैं पढ़ लूंगा तेरी खामोशियों को
जो वक्त बीत चुका है
उस वक्त को फिर से जीना है
रखकर सर एक दूसरे पर
फिर से कहीं खो जाना है
चलो हमसफर यादों के शहर में ।।

Language: Hindi
256 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
जरूरत
जरूरत
DR ARUN KUMAR SHASTRI
राहत के दीए
राहत के दीए
Dr. Pradeep Kumar Sharma
होली
होली
Kanchan Khanna
हमने भी ज़िंदगी को
हमने भी ज़िंदगी को
Dr fauzia Naseem shad
है कश्मकश - इधर भी - उधर भी
है कश्मकश - इधर भी - उधर भी
Atul "Krishn"
बदला लेने से बेहतर है
बदला लेने से बेहतर है
शेखर सिंह
हर पल ये जिंदगी भी कोई खास नहीं होती ।
हर पल ये जिंदगी भी कोई खास नहीं होती ।
Phool gufran
ज़िंदगी उससे है मेरी, वो मेरा दिलबर रहे।
ज़िंदगी उससे है मेरी, वो मेरा दिलबर रहे।
सत्य कुमार प्रेमी
रोटी की ख़ातिर जीना जी
रोटी की ख़ातिर जीना जी
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
प्यार के मायने
प्यार के मायने
SHAMA PARVEEN
..........लहजा........
..........लहजा........
Naushaba Suriya
वेलेंटाइन डे
वेलेंटाइन डे
Surinder blackpen
"परखना सीख जाओगे "
Slok maurya "umang"
फूलो की सीख !!
फूलो की सीख !!
Rachana Siya
ग्रन्थ
ग्रन्थ
Satish Srijan
तुम कहते हो राम काल्पनिक है
तुम कहते हो राम काल्पनिक है
Harinarayan Tanha
शब्द शब्द उपकार तेरा ,शब्द बिना सब सून
शब्द शब्द उपकार तेरा ,शब्द बिना सब सून
Namrata Sona
विश्वकप-2023
विश्वकप-2023
World Cup-2023 Top story (विश्वकप-2023, भारत)
हे राम!धरा पर आ जाओ
हे राम!धरा पर आ जाओ
Mukta Rashmi
"अपने की पहचान "
Yogendra Chaturwedi
कुछ फ़क़त आतिश-ए-रंज़िश में लगे रहते हैं
कुछ फ़क़त आतिश-ए-रंज़िश में लगे रहते हैं
Anis Shah
संभव है कि किसी से प्रेम या फिर किसी से घृणा आप करते हों,पर
संभव है कि किसी से प्रेम या फिर किसी से घृणा आप करते हों,पर
Paras Nath Jha
मंजिल
मंजिल
Swami Ganganiya
प्रेम!
प्रेम!
कविता झा ‘गीत’
इश्क़ एक सबब था मेरी ज़िन्दगी मे,
इश्क़ एक सबब था मेरी ज़िन्दगी मे,
पूर्वार्थ
नेता
नेता
Raju Gajbhiye
*जितना आसान है*
*जितना आसान है*
नेताम आर सी
रमेशराज के विरोधरस दोहे
रमेशराज के विरोधरस दोहे
कवि रमेशराज
हृदय परिवर्तन
हृदय परिवर्तन
Awadhesh Singh
*मुख पर गजब पर्दा पड़ा है क्या करें【मुक्तक 】*
*मुख पर गजब पर्दा पड़ा है क्या करें【मुक्तक 】*
Ravi Prakash
Loading...