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28 Jul 2016 · 1 min read

चन्द अल्फाज

चन्द अल्फाजो को संवार लेता हूँ
याद तेरी यूं दिल में उतार लेता हूँ
************************
यादें तेरी बहुत है जीने के लिये
शब् ओ सहर यूं ही गुजार लेता हूँ
************************
कपिल कुमार
28/07/2016

Language: Hindi
Tag: मुक्तक
180 Views
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