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10 Mar 2024 · 1 min read

चंद अशआर

” चंद अशआर ” –

हिज्र का….. असर देख रहे हो ।
या अश्कों की नहर देख रहे हो ।।

पल में जो तुमको बेचैन कर दे ।
क्यूँ फ़िर ऐसी ख़बर देख रहे हो ।।

हम देख रहे जिस्म को फ़ना होते ।
और तुम रूह ए सफ़र देख रहे हो ।।

हमारी ग़ज़ल की आबरू हो तुम ।
अब क्या इसमें बहर देख रहे हो ।।

©डॉ. वासिफ़ काज़ी , इंदौर
©काज़ी की क़लम

28/3/2 , अहिल्या पल्टन , इक़बाल कॉलोनी
इंदौर , मप्र

Language: Hindi
Tag: Ghazal
59 Views
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