Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
6 Apr 2023 · 1 min read

“गूंगों की बस्ती में, बहरों की आबादी।

“गूंगों की बस्ती में, बहरों की आबादी।
लफ़्ज़ों की बेक़द्री, जज़्बों की बर्बादी।।”

😢प्रणय प्रभात😢

2 Likes · 415 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
बलात्कार
बलात्कार
rkchaudhary2012
"प्रकृति की ओर लौटो"
Dr. Kishan tandon kranti
सुरक्षा
सुरक्षा
Dr. Pradeep Kumar Sharma
-- दिव्यांग --
-- दिव्यांग --
गायक - लेखक अजीत कुमार तलवार
असुर सम्राट भक्त प्रह्लाद — वंश परिचय — 01
असुर सम्राट भक्त प्रह्लाद — वंश परिचय — 01
Kirti Aphale
वज़्न - 2122 1212 22/112 अर्कान - फ़ाइलातुन मुफ़ाइलुन फ़ैलुन/फ़इलुन बह्र - बहर-ए-ख़फ़ीफ़ मख़बून महज़ूफ मक़तूअ काफ़िया: आ स्वर की बंदिश रदीफ़ - न हुआ
वज़्न - 2122 1212 22/112 अर्कान - फ़ाइलातुन मुफ़ाइलुन फ़ैलुन/फ़इलुन बह्र - बहर-ए-ख़फ़ीफ़ मख़बून महज़ूफ मक़तूअ काफ़िया: आ स्वर की बंदिश रदीफ़ - न हुआ
Neelam Sharma
ताल्लुक अगर हो तो रूह
ताल्लुक अगर हो तो रूह
Vishal babu (vishu)
मेरी कलम से…
मेरी कलम से…
Anand Kumar
प्रतिश्रुति
प्रतिश्रुति
DR ARUN KUMAR SHASTRI
संस्कार
संस्कार
Sanjay ' शून्य'
FUSION
FUSION
पूर्वार्थ
बिन बोले ही  प्यार में,
बिन बोले ही प्यार में,
sushil sarna
इश्क की पहली शर्त
इश्क की पहली शर्त
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
उठाना होगा यमुना के उद्धार का बीड़ा
उठाना होगा यमुना के उद्धार का बीड़ा
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
जीवन के रंगो संग घुल मिल जाए,
जीवन के रंगो संग घुल मिल जाए,
Shashi kala vyas
अन्ना जी के प्रोडक्ट्स की चर्चा,अब हो रही है गली-गली
अन्ना जी के प्रोडक्ट्स की चर्चा,अब हो रही है गली-गली
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
*अंगूर (बाल कविता)*
*अंगूर (बाल कविता)*
Ravi Prakash
बढ़े चलो तुम हिम्मत करके, मत देना तुम पथ को छोड़ l
बढ़े चलो तुम हिम्मत करके, मत देना तुम पथ को छोड़ l
Shyamsingh Lodhi (Tejpuriya)
पतंग
पतंग
अलका 'भारती'
चाहिए
चाहिए
Punam Pande
अस्तित्व की पहचान
अस्तित्व की पहचान
Kanchan Khanna
विधा - गीत
विधा - गीत
Harminder Kaur
गांव के छोरे
गांव के छोरे
जय लगन कुमार हैप्पी
मन को मना लेना ही सही है
मन को मना लेना ही सही है
शेखर सिंह
विषय - पर्यावरण
विषय - पर्यावरण
Neeraj Agarwal
सदा सदाबहार हिंदी
सदा सदाबहार हिंदी
goutam shaw
नटखट-चुलबुल चिड़िया।
नटखट-चुलबुल चिड़िया।
Vedha Singh
#लघुकथा-
#लघुकथा-
*Author प्रणय प्रभात*
पार्थगाथा
पार्थगाथा
Vivek saswat Shukla
🙏🏻 अभी मैं बच्चा हूं🙏🏻
🙏🏻 अभी मैं बच्चा हूं🙏🏻
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
Loading...