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15 Jun 2023 · 1 min read

भोला-भाला गुड्डा

मैं हूँ गुड्डा भोला – भाला,
सूट-बूट में लगूँ मतवाला।

आँखों पर है चश्मा काला,
चाल-ढाल का ढंग निराला।

दिन भर करता हूँ शैतानी,
प्यार करें मुझे दादी-नानी।

बहना को करता परेशान,
दादू – नानू की मैं हूँ जान।

मम्मी मुझ पर जान लुटायें,
पापा मुझ बिन रह न पायें।

हर पल हँसता, मुस्काता हूँ,
खुशियों से घर महकाता हूँ।

रचनाकार – कंचन खन्ना, मुरादाबाद,
(उ०प्र०, भारत) ।
सर्वाधिकार, सुरक्षित (रचनाकार) ।
दिनांक – १५/०६/२०२३.

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