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23 Jan 2023 · 1 min read

#ग़ज़ल

#ग़ज़ल
#वज़्न- 1212 – 1122 – 1212 – 22/112

करो कभी तो मुहब्बत हमें क़रार मिले
यूँ ज़िंदगी को ख़ुशी यार बे-शुमार मिले/1

ख़ुदा सभी की दुआएँ क़बूल प्यार भरी
चमन को फूल वतन को नयी बहार मिले/2

अज़ीज़ आप-सा कोई नहीं लगा मुझको
भले सफ़र में मुझे लोग तो हज़ार मिले/3

तू ज़िंदगी में सलामत रहे वक़ार लिए
तुझे मुक़ाम ज़माने में ज़ोरदार मिले/4

सभी दिलों पे असर जो करे वसीम हुआ
ख़ुदा मुझे भी वही इक ज़ुदा विचार मिले/5

न दूरियाँ हों दिलों में न भेद शिकायत ही
मिला-मिला-सा खिला हर यहाँ दयार मिले/6

बड़ी हसीं है जवानी नशा लिए आँखें
तुझे मिले जो कभी दिल ग़ुमान हार मिले/7

#आर. एस. ‘प्रीतम’
सर्वाधिकार सुरक्षित सृजन

Language: Hindi
1 Like · 182 Views
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