Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
27 Mar 2017 · 1 min read

गर्मी

जब गर्मी का मौसम आता है ।
मुझे गाँव मेरा याद आता है ।।

गर्मी का मौसम, खुली आजादी ।
खाने पीने की , चिंता हो आधी ।
खुले पेड़ के नीचे खेलना ,
मुझको बहुत ही भाता है ।।
जब गर्मी का मौसम ……..

खट्टे मीठे आम, न कोई दाम।
अमराई , जहां बीते सुबह शाम ।
छुट्टियां मनाने का हो जिक्र,
तब गाँव मेरा ही भाता है ।।
जब गर्मी का मौसम…….

दादा-दादी के हाथ से खाना।
नाना-नानी से मिलने जाना ।
चाचा, मामा संग धूम मचाना,
शादी में नाचना मिल जाता है।।
जब गर्मी का मौसम…….

कूलर, पंखा, ए सी की हवा।
कोल्ड ड्रिंक, जूस,हो जाए जवा।
लस्सी, दही , कुल्फी का मजा,
ठंडा सावर भी मन को भाता है ।।
जब गर्मी का मौसम …….

संतोष बरमैया ” जय ”
कुरई, सिवनी, म.प्र.

Language: Hindi
287 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
अपराधियों ने जमा ली सियासत में पैठ
अपराधियों ने जमा ली सियासत में पैठ
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
वक्त बदलते ही चूर- चूर हो जाता है,
वक्त बदलते ही चूर- चूर हो जाता है,
सिद्धार्थ गोरखपुरी
इम्तहान ना ले मेरी मोहब्बत का,
इम्तहान ना ले मेरी मोहब्बत का,
Radha jha
वो सबके साथ आ रही थी
वो सबके साथ आ रही थी
Keshav kishor Kumar
माशा अल्लाह, तुम बहुत लाजवाब हो
माशा अल्लाह, तुम बहुत लाजवाब हो
gurudeenverma198
उड़ान
उड़ान
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
हम तो अपनी बात कहेंगें
हम तो अपनी बात कहेंगें
अनिल कुमार निश्छल
राजा-रानी अलविदा, अब जन की सरकार (कुंडलिया)
राजा-रानी अलविदा, अब जन की सरकार (कुंडलिया)
Ravi Prakash
ज़िन्दगी और प्रेम की,
ज़िन्दगी और प्रेम की,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
हम जो कहेंगे-सच कहेंगे
हम जो कहेंगे-सच कहेंगे
Shekhar Chandra Mitra
इश्क खुदा का घर
इश्क खुदा का घर
Surinder blackpen
🙏 *गुरु चरणों की धूल*🙏
🙏 *गुरु चरणों की धूल*🙏
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
लम्हों की तितलियाँ
लम्हों की तितलियाँ
Karishma Shah
गणतंत्र दिवस
गणतंत्र दिवस
विजय कुमार अग्रवाल
किए जिन्होंने देश हित
किए जिन्होंने देश हित
महेश चन्द्र त्रिपाठी
चल फिर इक बार मिलें हम तुम पहली बार की तरह।
चल फिर इक बार मिलें हम तुम पहली बार की तरह।
Neelam Sharma
राम
राम
Sanjay ' शून्य'
सुबह की चाय हम सभी पीते हैं
सुबह की चाय हम सभी पीते हैं
Neeraj Agarwal
ईश्वर के सम्मुख अनुरोध भी जरूरी है
ईश्वर के सम्मुख अनुरोध भी जरूरी है
Ajad Mandori
तुम्हारे भाव जरूर बड़े हुए है जनाब,
तुम्हारे भाव जरूर बड़े हुए है जनाब,
Umender kumar
#राम-राम जी..👏👏
#राम-राम जी..👏👏
आर.एस. 'प्रीतम'
"मुझे हक सही से जताना नहीं आता
पूर्वार्थ
जिंदगी और उलझनें, सॅंग सॅंग चलेंगी दोस्तों।
जिंदगी और उलझनें, सॅंग सॅंग चलेंगी दोस्तों।
सत्य कुमार प्रेमी
*देना इतना आसान नहीं है*
*देना इतना आसान नहीं है*
Seema Verma
सफल व्यक्ति
सफल व्यक्ति
Paras Nath Jha
अंगुलिया
अंगुलिया
Sandeep Pande
■ कब तक, क्या-क्या बदलोगे...?
■ कब तक, क्या-क्या बदलोगे...?
*Author प्रणय प्रभात*
प्रेम.......................................................
प्रेम.......................................................
Swara Kumari arya
3185.*पूर्णिका*
3185.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
नारी बिन नर अधूरा✍️
नारी बिन नर अधूरा✍️
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
Loading...