Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
7 Apr 2023 · 1 min read

गरीब

ढूंढता है रात भर,
एक छत खुले आकाश में,
कानों में बजती अनवरत,
शहनाईयां बस आस की,
और बीनता है दौड़ सिक्के,
तारों की बारात में ॥

कुछ नहीं दीखता
सपने में गरीब को,
रोटियाँ सूखी हुईं,
नमक फीका दाल में,
और थोड़ी सी भी नहीं,
सब्जी है नसीब को,
कोठरों में आँखों के
सपने कहाँ गरीब के ॥

रात-दिन है जोतता,
सेंकता कर सौ जतन,
छूटतीं फिर भी मगर,
हाथों से उसके रोटियाँ,
कोसना ही हाथ में,
चाल को नसीब की ॥

@दीपक कुमार श्रीवास्तव “नील पदम्”

Language: Hindi
5 Likes · 569 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
View all
You may also like:
चिंतन
चिंतन
ओंकार मिश्र
माँ सच्ची संवेदना...
माँ सच्ची संवेदना...
डॉ.सीमा अग्रवाल
जो मेरा है... वो मेरा है
जो मेरा है... वो मेरा है
Sonam Puneet Dubey
"लघु कृषक की व्यथा"
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
एक है ईश्वर
एक है ईश्वर
Dr fauzia Naseem shad
.............सही .......
.............सही .......
Naushaba Suriya
अब प्यार का मौसम न रहा
अब प्यार का मौसम न रहा
Shekhar Chandra Mitra
" वतन "
भगवती प्रसाद व्यास " नीरद "
कुछ लिखा हू तुम्हारी यादो में
कुछ लिखा हू तुम्हारी यादो में
देवराज यादव
"नजीर"
Dr. Kishan tandon kranti
निरुपाय हूँ /MUSAFIR BAITHA
निरुपाय हूँ /MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
ये तलाश सत्य की।
ये तलाश सत्य की।
Manisha Manjari
यह कलयुग है
यह कलयुग है
gurudeenverma198
बच्चों की ख्वाहिशों का गला घोंट के कहा,,
बच्चों की ख्वाहिशों का गला घोंट के कहा,,
Shweta Soni
रिश्तों में वक्त
रिश्तों में वक्त
पूर्वार्थ
3164.*पूर्णिका*
3164.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
अब यह अफवाह कौन फैला रहा कि मुगलों का इतिहास इसलिए हटाया गया
अब यह अफवाह कौन फैला रहा कि मुगलों का इतिहास इसलिए हटाया गया
शेखर सिंह
तेरी मुहब्बत से, अपना अन्तर्मन रच दूं।
तेरी मुहब्बत से, अपना अन्तर्मन रच दूं।
Anand Kumar
*भाता है सब को सदा ,पर्वत का हिमपात (कुंडलिया)*
*भाता है सब को सदा ,पर्वत का हिमपात (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
सच्चे देशभक्त ‘ लाला लाजपत राय ’
सच्चे देशभक्त ‘ लाला लाजपत राय ’
कवि रमेशराज
🔥आँखें🔥
🔥आँखें🔥
सुरेश अजगल्ले 'इन्द्र '
जिंदगी में सिर्फ हम ,
जिंदगी में सिर्फ हम ,
Neeraj Agarwal
आफत की बारिश
आफत की बारिश
ओम प्रकाश श्रीवास्तव
जो बालक मातृभाषा को  सही से सीख  लेते हैं ! वही अपने समाजों
जो बालक मातृभाषा को सही से सीख लेते हैं ! वही अपने समाजों
DrLakshman Jha Parimal
हृदय को ऊॅंचाइयों का भान होगा।
हृदय को ऊॅंचाइयों का भान होगा।
Pt. Brajesh Kumar Nayak
वो एक संगीत प्रेमी बन गया,
वो एक संगीत प्रेमी बन गया,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
धन की खातिर तन बिका, साथ बिका ईमान ।
धन की खातिर तन बिका, साथ बिका ईमान ।
sushil sarna
मुझे सोते हुए जगते हुए
मुझे सोते हुए जगते हुए
*प्रणय प्रभात*
"इक ग़ज़ल इश्क़ के नाम करता हूँ"
ठाकुर प्रतापसिंह "राणाजी"
ज़िंदगानी
ज़िंदगानी
Shyam Sundar Subramanian
Loading...