Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
9 Apr 2023 · 1 min read

ख्वाहिश

ख्वाहिश थी हमें तुम्हें पाने की।
पर तुमने अपने साए तक को भी हमारी ख्वाहिश बना दिया।।
ख्वाबों की ख्वाहिशें जो कि हमनें।
वह ख्वाबों में ही ख्वाहिशें बन कर रह गयीं।।
मालूम था हमें ये ख्वाब हैं हमारे।
पर यह ना मालूम था कि ख्वाब भी गुनाह बन जाएंगे हमारे।।
काश, कि तुम ना आए होते जिंदगी में ख्वाब बनकर हमारे।
तो ये ख्वाब ख्वाइश बनकर ना रह जाते हमारे ।।
ख्वाइश अब है ये हमारी जब भी मिलने आओ तुम हमसे।
ख्वाब बनकर नहीं हकीकत बन कर आना मिलने तुम हमसे।।

1 Like · 1 Comment · 236 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
*नहीं हाथ में भाग्य मनुज के, किंतु कर्म-अधिकार है (गीत)*
*नहीं हाथ में भाग्य मनुज के, किंतु कर्म-अधिकार है (गीत)*
Ravi Prakash
■ आप भी करें कौशल विकास।😊😊
■ आप भी करें कौशल विकास।😊😊
*Author प्रणय प्रभात*
Ranjeet Shukla
Ranjeet Shukla
Ranjeet Kumar Shukla
बदलाव
बदलाव
Shyam Sundar Subramanian
त्वमेव जयते
त्वमेव जयते
DR ARUN KUMAR SHASTRI
यादों का बसेरा है
यादों का बसेरा है
Shriyansh Gupta
प्रभु शुभ कीजिए परिवेश
प्रभु शुभ कीजिए परिवेश
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
_देशभक्ति का पैमाना_
_देशभक्ति का पैमाना_
Dr MusafiR BaithA
गीत// कितने महंगे बोल तुम्हारे !
गीत// कितने महंगे बोल तुम्हारे !
Shiva Awasthi
When you become conscious of the nature of God in you, your
When you become conscious of the nature of God in you, your
पूर्वार्थ
हिंदू धर्म आ हिंदू विरोध।
हिंदू धर्म आ हिंदू विरोध।
Acharya Rama Nand Mandal
2560.पूर्णिका
2560.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
कुछ बातें ज़रूरी हैं
कुछ बातें ज़रूरी हैं
Mamta Singh Devaa
....एक झलक....
....एक झलक....
Naushaba Suriya
आँखें दरिया-सागर-झील नहीं,
आँखें दरिया-सागर-झील नहीं,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
💐प्रेम कौतुक-179💐
💐प्रेम कौतुक-179💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
झूठ के सागर में डूबते आज के हर इंसान को देखा
झूठ के सागर में डूबते आज के हर इंसान को देखा
Er. Sanjay Shrivastava
है प्यार तो जता दो
है प्यार तो जता दो
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
वसंत की बहार।
वसंत की बहार।
Anil Mishra Prahari
माँ भारती वंदन
माँ भारती वंदन
Kanchan Khanna
अनुभूति
अनुभूति
Punam Pande
वैज्ञानिक चेतना की तलाश
वैज्ञानिक चेतना की तलाश
Shekhar Chandra Mitra
🥀 *अज्ञानी की कलम*🥀
🥀 *अज्ञानी की कलम*🥀
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
जिंदगी में सफ़ल होने से ज्यादा महत्वपूर्ण है कि जिंदगी टेढ़े
जिंदगी में सफ़ल होने से ज्यादा महत्वपूर्ण है कि जिंदगी टेढ़े
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
"बहुत दिनों से"
Dr. Kishan tandon kranti
इंसान जिंहें कहते
इंसान जिंहें कहते
Dr fauzia Naseem shad
चलो कुछ दूर तलक चलते हैं
चलो कुछ दूर तलक चलते हैं
Bodhisatva kastooriya
आदमी से आदमी..
आदमी से आदमी..
Vijay kumar Pandey
तीन मुक्तकों से संरचित रमेशराज की एक तेवरी
तीन मुक्तकों से संरचित रमेशराज की एक तेवरी
कवि रमेशराज
ये किस धर्म के लोग हैं
ये किस धर्म के लोग हैं
gurudeenverma198
Loading...