Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
1 May 2023 · 1 min read

खो गयी हर इक तरावट,

खो गयी हर इक तरावट,
मन हुआ पतझड़!
हाय रे ! बीहड़।

उफ़! समय से चोट खाये,
शोक में डूबे हुए हम।
घुट रही है साँस भीतर,
आप से ऊबे हुए हम।
मुँह चिढ़ाते दिख रहे हैं,
रोज़ कुछ गीदड़!
हाय रे ! बीहड़।

प्रशान्त मिश्रा मन

437 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
वसुत्व की असली परीक्षा सुरेखत्व है, विश्वास और प्रेम का आदर
वसुत्व की असली परीक्षा सुरेखत्व है, विश्वास और प्रेम का आदर
प्रेमदास वसु सुरेखा
13. पुष्पों की क्यारी
13. पुष्पों की क्यारी
Rajeev Dutta
न जाने शोख हवाओं ने कैसी
न जाने शोख हवाओं ने कैसी
Anil Mishra Prahari
यूं ही हमारी दोस्ती का सिलसिला रहे।
यूं ही हमारी दोस्ती का सिलसिला रहे।
सत्य कुमार प्रेमी
Bindesh kumar jha
Bindesh kumar jha
Bindesh kumar jha
चलो मौसम की बात करते हैं।
चलो मौसम की बात करते हैं।
Prabhu Nath Chaturvedi "कश्यप"
दुख है दर्द भी है मगर मरहम नहीं है
दुख है दर्द भी है मगर मरहम नहीं है
कवि दीपक बवेजा
हादसे ज़िंदगी का हिस्सा हैं
हादसे ज़िंदगी का हिस्सा हैं
Dr fauzia Naseem shad
बधाई
बधाई
Satish Srijan
दिल तो है बस नाम का ,सब-कुछ करे दिमाग।
दिल तो है बस नाम का ,सब-कुछ करे दिमाग।
Manoj Mahato
लग जाए गले से गले
लग जाए गले से गले
Ankita Patel
बिलकुल सच है, व्यस्तता एक भ्रम है, दोस्त,
बिलकुल सच है, व्यस्तता एक भ्रम है, दोस्त,
पूर्वार्थ
"बेचारा किसान"
Dharmjay singh
जहां से चले थे वहीं आ गए !
जहां से चले थे वहीं आ गए !
Kuldeep mishra (KD)
मैं अशुद्ध बोलता हूं
मैं अशुद्ध बोलता हूं
Keshav kishor Kumar
माया और ब़ंम्ह
माया और ब़ंम्ह
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
नारी सौन्दर्य ने
नारी सौन्दर्य ने
Dr. Kishan tandon kranti
सुंदर शरीर का, देखो ये क्या हाल है
सुंदर शरीर का, देखो ये क्या हाल है
डॉ.एल. सी. जैदिया 'जैदि'
3314.⚘ *पूर्णिका* ⚘
3314.⚘ *पूर्णिका* ⚘
Dr.Khedu Bharti
बालों की सफेदी देखी तो ख्याल आया,
बालों की सफेदी देखी तो ख्याल आया,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
किस क़दर गहरा रिश्ता रहा
किस क़दर गहरा रिश्ता रहा
हिमांशु Kulshrestha
यही जीवन है ।
यही जीवन है ।
Rohit yadav
शून्य ही सत्य
शून्य ही सत्य
Kanchan verma
*ईख (बाल कविता)*
*ईख (बाल कविता)*
Ravi Prakash
एक सूखा सा वृक्ष...
एक सूखा सा वृक्ष...
Awadhesh Kumar Singh
मीठा गान
मीठा गान
rekha mohan
दोहा
दोहा
गुमनाम 'बाबा'
गज़ल सी कविता
गज़ल सी कविता
Kanchan Khanna
क्षमा करें तुफैलजी! + रमेशराज
क्षमा करें तुफैलजी! + रमेशराज
कवि रमेशराज
तमाम लोग
तमाम लोग "भोंपू" की तरह होते हैं साहब। हर वक़्त बजने का बहाना
*प्रणय प्रभात*
Loading...