Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
18 Nov 2023 · 1 min read

खोदकर इक शहर देखो लाश जंगल की मिलेगी

खोदकर इक शहर देखो लाश जंगल की मिलेगी
घोंसले टूटे हुए और आह पीपल की मिलेगी

जॉनी अहमद ‘क़ैस’

Language: Hindi
148 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
"यादों की बारात"
Dr. Kishan tandon kranti
कहते हैं,
कहते हैं,
Dhriti Mishra
शांति से खाओ और खिलाओ
शांति से खाओ और खिलाओ
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
मौत के बाज़ार में मारा गया मुझे।
मौत के बाज़ार में मारा गया मुझे।
Phool gufran
-- जिंदगी तो कट जायेगी --
-- जिंदगी तो कट जायेगी --
गायक - लेखक अजीत कुमार तलवार
दिल कहे..!
दिल कहे..!
Niharika Verma
शिव शून्य है,
शिव शून्य है,
पूर्वार्थ
समाजसेवा
समाजसेवा
Kanchan Khanna
3269.*पूर्णिका*
3269.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
नाकाम किस्मत( कविता)
नाकाम किस्मत( कविता)
Monika Yadav (Rachina)
भारत में सबसे बड़ा व्यापार धर्म का है
भारत में सबसे बड़ा व्यापार धर्म का है
शेखर सिंह
"रंग भले ही स्याह हो" मेरी पंक्तियों का - अपने रंग तो तुम घोलते हो जब पढ़ते हो
Atul "Krishn"
भिनसार ले जल्दी उठके, रंधनी कती जाथे झटके।
भिनसार ले जल्दी उठके, रंधनी कती जाथे झटके।
PK Pappu Patel
मुक्तक
मुक्तक
कृष्णकांत गुर्जर
मुकाम
मुकाम
Swami Ganganiya
हमें ना शिकायत है आप सभी से,
हमें ना शिकायत है आप सभी से,
Dr. Man Mohan Krishna
बाल कविता: मदारी का खेल
बाल कविता: मदारी का खेल
Rajesh Kumar Arjun
हंसगति
हंसगति
डॉ.सीमा अग्रवाल
दुनियाँ की भीड़ में।
दुनियाँ की भीड़ में।
Taj Mohammad
काश - दीपक नील पदम्
काश - दीपक नील पदम्
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
सच
सच
Neeraj Agarwal
जिंदगी झंड है,
जिंदगी झंड है,
कार्तिक नितिन शर्मा
*अज्ञानी की कलम*
*अज्ञानी की कलम*
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
मैं और सिर्फ मैं ही
मैं और सिर्फ मैं ही
Lakhan Yadav
ग़ज़ल/नज़्म - प्यार के ख्वाबों को दिल में सजा लूँ तो क्या हो
ग़ज़ल/नज़्म - प्यार के ख्वाबों को दिल में सजा लूँ तो क्या हो
अनिल कुमार
बुझदिल
बुझदिल
Dr.Pratibha Prakash
बदलने को तो इन आंखों ने मंजर ही बदल डाले
बदलने को तो इन आंखों ने मंजर ही बदल डाले
हरवंश हृदय
#मंगलकामनाएं
#मंगलकामनाएं
*प्रणय प्रभात*
तन पर हल्की  सी धुल लग जाए,
तन पर हल्की सी धुल लग जाए,
Shutisha Rajput
" जलाओ प्रीत दीपक "
Chunnu Lal Gupta
Loading...