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18 Nov 2023 · 1 min read

खुशियों को समेटता इंसान

खुशियों को समेटता इंसान
अपनों से दूर हुआ
अपनों को समेटता इंसान
खुद से दूर हुआ।

हरमिंदर कौर ,अमरोहा

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