Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
11 Apr 2024 · 1 min read

खुदा ने तुम्हारी तकदीर बड़ी खूबसूरती से लिखी है,

खुदा ने तुम्हारी तकदीर बड़ी खूबसूरती से लिखी है,
और तुम्हारा सृजन कर उसने मेरी तकदीर को खुद-ब-खुद सँवार दिया है ।

34 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
मैं
मैं
Vivek saswat Shukla
ग़ज़ल
ग़ज़ल
Mahendra Narayan
समझ
समझ
अखिलेश 'अखिल'
देव दीपावली
देव दीपावली
Vedha Singh
बातें करते प्यार की,
बातें करते प्यार की,
sushil sarna
दुख वो नहीं होता,
दुख वो नहीं होता,
Vishal babu (vishu)
उत्तंग पर्वत , गहरा सागर , समतल मैदान , टेढ़ी-मेढ़ी नदियांँ , घने वन ।
उत्तंग पर्वत , गहरा सागर , समतल मैदान , टेढ़ी-मेढ़ी नदियांँ , घने वन ।
ओमप्रकाश भारती *ओम्*
"कलम की अभिलाषा"
Dr. Kishan tandon kranti
दशहरा
दशहरा
मनमोहन लाल गुप्ता 'अंजुम'
तुम नि:शब्द साग़र से हो ,
तुम नि:शब्द साग़र से हो ,
Stuti tiwari
जीवन की
जीवन की
Dr fauzia Naseem shad
*रामपुर का प्राचीनतम मंदिर ठाकुरद्वारा मंदिर (मंदिर श्री मुनीश्वर दत्त जी महाराज
*रामपुर का प्राचीनतम मंदिर ठाकुरद्वारा मंदिर (मंदिर श्री मुनीश्वर दत्त जी महाराज
Ravi Prakash
आप और हम जीवन के सच
आप और हम जीवन के सच
Neeraj Agarwal
फिर भी तो बाकी है
फिर भी तो बाकी है
gurudeenverma198
* नव जागरण *
* नव जागरण *
surenderpal vaidya
चढ़ा हूँ मैं गुमनाम, उन सीढ़ियों तक
चढ़ा हूँ मैं गुमनाम, उन सीढ़ियों तक
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
ज़िंदगी
ज़िंदगी
लोकेश शर्मा 'अवस्थी'
मन से भी तेज ( 3 of 25)
मन से भी तेज ( 3 of 25)
Kshma Urmila
पीर पराई
पीर पराई
Satish Srijan
“दुमका संस्मरण 3” ट्रांसपोर्ट सेवा (1965)
“दुमका संस्मरण 3” ट्रांसपोर्ट सेवा (1965)
DrLakshman Jha Parimal
Tufan ki  pahle ki khamoshi ka andesha mujhe hone hi laga th
Tufan ki pahle ki khamoshi ka andesha mujhe hone hi laga th
Sakshi Tripathi
हर इंसान को भीतर से थोड़ा सा किसान होना चाहिए
हर इंसान को भीतर से थोड़ा सा किसान होना चाहिए
ruby kumari
कभी कभी
कभी कभी
Shweta Soni
प्यार क्या है
प्यार क्या है
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
सफर पे निकल गये है उठा कर के बस्ता
सफर पे निकल गये है उठा कर के बस्ता
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
हार गए तो क्या हुआ?
हार गए तो क्या हुआ?
Praveen Bhardwaj
होलिका दहन
होलिका दहन
Bodhisatva kastooriya
असुर सम्राट भक्त प्रह्लाद — वंश परिचय — 01
असुर सम्राट भक्त प्रह्लाद — वंश परिचय — 01
Kirti Aphale
वक्त की कहानी भारतीय साहित्य में एक अमर कहानी है। यह कहानी प
वक्त की कहानी भारतीय साहित्य में एक अमर कहानी है। यह कहानी प
कार्तिक नितिन शर्मा
केशव
केशव
Dinesh Kumar Gangwar
Loading...