Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Settings

खामोश है ज़िंदगी

खामोश है ज़िंदगी ग़म का तूफ़ान है |
यादों से हलचल मन का आसमान है |

चाहत की निशाँ मिटायी नहीं है मैंने |
तेरे जाने से फ़िर भी ज़िंदगी वीरान है |

तन्हाई ही तन्हाई,लबों पे तेरा नाम ,
दिल को तेरी चाहत का अरमान है |

दर्दे ग़म छूपा के जी रहे है आजकल |
खामोश चेहरा में झूठी मुस्कान है |

कहते थे तेरा नाम भूला देंगे सनम |
ना भूला सके, तुमबिन परेशान है |

161 Views
You may also like:
✍️इंतज़ार✍️
Vaishnavi Gupta
वृक्ष थे छायादार पिताजी
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
घनाक्षरी छन्द
शेख़ जाफ़र खान
संविदा की नौकरी का दर्द
आकाश महेशपुरी
श्रेय एवं प्रेय मार्ग
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
क्या मेरी कलाई सूनी रहेगी ?
Kumar Anu Ojha
जादूगर......
Vaishnavi Gupta
"अष्टांग योग"
पंकज कुमार कर्ण
मुँह इंदियारे जागे दद्दा / (नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
नदी बन जा तू
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
हे पिता,करूँ मैं तेरा वंदन
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
पेशकश पर
Dr fauzia Naseem shad
पिता की नियति
Prabhudayal Raniwal
पापा करते हो प्यार इतना ।
Buddha Prakash
पापा क्यूँ कर दिया पराया??
Sweety Singhal
टूट कर की पढ़ाई...
आकाश महेशपुरी
बाबू जी
Anoop Sonsi
बेटी को जन्मदिन की बधाई
लक्ष्मी सिंह
कुछ नहीं
Dr fauzia Naseem shad
तुमसे कोई शिकायत नही
Ram Krishan Rastogi
गुरुजी!
Vishnu Prasad 'panchotiya'
"पधारो, घर-घर आज कन्हाई.."
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
मेरी भोली “माँ” (सहित्यपीडिया काव्य प्रतियोगिता)
पाण्डेय चिदानन्द
आह! भूख और गरीबी
Dr fauzia Naseem shad
न कोई जगत से कलाकार जाता
आकाश महेशपुरी
अधूरी बातें
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
गोरे मुखड़े पर काला चश्मा
श्री रमण 'श्रीपद्'
"विहग"
Ajit Kumar "Karn"
माँ की परिभाषा मैं दूँ कैसे?
साहित्य लेखन- एहसास और जज़्बात
कौन दिल का
Dr fauzia Naseem shad
Loading...