Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
6 Dec 2023 · 2 min read

खरगोश

खरगोश
————-

रविवार छुट्टी का दिन था। वैसे तो सोनू प्रतिदिन समय से विद्यालय जाता था। सिर्फ छुट्टी के दिन सोनू पतंग उड़ाता था। सोनू को पतंग उड़ाना बहुत पसन्द था। उसकी पतंग आसमान को छूने की कोशिश करती रहती थी। आज भी सोनू छत पर पतंग उड़ा रहा था। पतंग उड़ाते समय सोनू को भूख लगी। सोनू के जेब में बिस्कुट का एक पैकेट था। पास में पानी की बोतल भी रखी थी। सोनू ने पतंग रखकर छत की फर्श पर बैठकर बिस्किट का पैकेट खोला। जैसे ही सोनू बिस्किट खाने लगा। उसके पास एक खरगोश आकर बैठ गया और बिस्किट को देखकर सर हिलाने लगा। सोनू को लगा कि जैसे खरगोश उससे बिस्किट माँग रहा हो।
खरगोश को देखकर सोनू ने महसूस किया कि ये मुझसे भी ज्यादा भूखा है। सोनू ने तुरन्त एक बिस्किट खरगोश को खिलाने के लिए खरगोश की तरफ हाथ बढ़ाया। खरगोश ने जैसे ही सोनू को अपनी तरफ हाथ में बिस्किट आते देखा तो वह तुरन्त भाग गया। सोनू हैरान होकर देखता ही रह गया। खरगोश चला गया।
सोनू को यह बात समझ आयी कि शायद खरगोश डर गया है और यही कहीं गमले में रखे पौधों के पीछे छिप गया है।
सोनू ने बिना देर किये एक कटोरी में पानी, खाने-पीने की कुछ और चीजें किचन से लाकर छत पर रख दीं। उसके बाद वह नीचे चला गया। खरगोश सन्नाटा देखकर भोजन के पास आया और उसने भरपेट खाया। फिर वह अपने घर जंगल में चला गया। सोनू सब चुपके-चुपके एक झरोखे से देखता रहा।
आज उसे पतंग उड़ाने से ज्यादा आनन्द खरगोश को भोजन खिलाने में आया। जितनी खुशी खरगोश को भोजन पाने और खाने में हुई, उससे कहीं ज्यादा खुशी सोनू को खरगोश को खुश देखकर हुई। सोनू ने पक्का इरादा किया कि अब वह कभी पतंग उड़ाने में समय बर्बाद नहीं करेंगे। वह हर छुट्टी के दिनों में पतंग के पैसों से ही छत पर पानी और भोजन रखेगा, ताकि जब कभी भी खरगोश या कोई भी पक्षी आये तो सभी को भोजन प्राप्त हो सके। सोनू को आज ये समझ आया कि अच्छा कार्य करने में बहुत आनन्द है।

शिक्षा –
जीवन का सच्चा आनन्द दूसरों को सुख और प्रेम देने में है। प्रकृति में सभी समान है।

शमा परवीन
बहराइच (उत्तर प्रदेश)

1 Like · 138 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
शेष कुछ
शेष कुछ
Dr.Priya Soni Khare
ज़िंदगी को अगर स्मूथली चलाना हो तो चु...या...पा में संलिप्त
ज़िंदगी को अगर स्मूथली चलाना हो तो चु...या...पा में संलिप्त
Dr MusafiR BaithA
मेहनत और अभ्यास
मेहनत और अभ्यास
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
लाला अमरनाथ
लाला अमरनाथ
Dr. Pradeep Kumar Sharma
3487.🌷 *पूर्णिका* 🌷
3487.🌷 *पूर्णिका* 🌷
Dr.Khedu Bharti
सर्जिकल स्ट्राइक
सर्जिकल स्ट्राइक
लक्ष्मी सिंह
कलियुग है
कलियुग है
Sanjay ' शून्य'
"मोहे रंग दे"
Ekta chitrangini
आज उम्मीद है के कल अच्छा होगा
आज उम्मीद है के कल अच्छा होगा
सिद्धार्थ गोरखपुरी
हे कृतघ्न मानव!
हे कृतघ्न मानव!
Vishnu Prasad 'panchotiya'
भरोसा
भरोसा
Paras Nath Jha
"आंधी आए अंधड़ आए पर्वत कब डर सकते हैं?
*Author प्रणय प्रभात*
युगों की नींद से झकझोर कर जगा दो मुझे
युगों की नींद से झकझोर कर जगा दो मुझे
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
बाट तुम्हारी जोहती, कबसे मैं बेचैन।
बाट तुम्हारी जोहती, कबसे मैं बेचैन।
डॉ.सीमा अग्रवाल
तमन्ना है तू।
तमन्ना है तू।
Taj Mohammad
रण
रण
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
दुल्हन एक रात की
दुल्हन एक रात की
Neeraj Agarwal
"बह रही धीरे-धीरे"
Dr. Kishan tandon kranti
*चाँद को भी क़बूल है*
*चाँद को भी क़बूल है*
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
Dr Arun Kumar Shastri
Dr Arun Kumar Shastri
DR ARUN KUMAR SHASTRI
*नयनों में तुम बस गए, रामलला अभिराम (गीत)*
*नयनों में तुम बस गए, रामलला अभिराम (गीत)*
Ravi Prakash
मेरी मोहब्बत का चाँद
मेरी मोहब्बत का चाँद
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
मैं उसका ही आईना था जहाँ मोहब्बत वो मेरी थी,तो अंदाजा उसे कह
मैं उसका ही आईना था जहाँ मोहब्बत वो मेरी थी,तो अंदाजा उसे कह
AmanTv Editor In Chief
ये भावनाओं का भंवर है डुबो देंगी
ये भावनाओं का भंवर है डुबो देंगी
ruby kumari
चिड़िया!
चिड़िया!
सेजल गोस्वामी
Destiny's epic style.
Destiny's epic style.
Manisha Manjari
जो भी आते हैं वो बस तोड़ के चल देते हैं
जो भी आते हैं वो बस तोड़ के चल देते हैं
अंसार एटवी
मन की कामना
मन की कामना
Basant Bhagawan Roy
परम प्रकाश उत्सव कार्तिक मास
परम प्रकाश उत्सव कार्तिक मास
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
खुद से खुद को
खुद से खुद को
Dr fauzia Naseem shad
Loading...