Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
27 Dec 2022 · 1 min read

क्यों इतना मुश्किल है

किसी को भूल पाना , क्यों इतना मुश्किल है?
इश्क़ के खंजर से , बिस्मिल क्यों दिल है?

बसर हो जिनकी जिंदगी, चांदनी के साये में
ये तेज़ धूप तो ,उनके लिए क़ातिल है।

साफगोई तेरी,तेरे कुछ काम न आ सकेगी
सामना का शख्स, बहुत ही तंगदिल है।

भरोसा अपनी काबिलियत पर करें तो तू कैसे
मन तेरे का चोर ,बहुत ही नाकाबिल है।

आंखों में मै अपने नये सपने कैसे सजाऊ
अश्कों के बोझ से,आंखें तो बोझिल है।

सुरिंदर कौर

Language: Hindi
68 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
परिस्थिति का मैं मारा हूं, बेचारा मत समझ लेना।
परिस्थिति का मैं मारा हूं, बेचारा मत समझ लेना।
सत्य कुमार प्रेमी
' समय का महत्व '
' समय का महत्व '
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
छोड़ दूं क्या.....
छोड़ दूं क्या.....
Ravi Ghayal
बस, इतना सा करना...गौर से देखते रहना
बस, इतना सा करना...गौर से देखते रहना
Teena Godhia
#सबक जिंदगी से #
#सबक जिंदगी से #
Ram Babu Mandal
ज़रूरत
ज़रूरत
सतीश तिवारी 'सरस'
■ आज का दोहा...
■ आज का दोहा...
*Author प्रणय प्रभात*
तलाश
तलाश
Dr. Rajiv
Transparency is required to establish a permanent relationsh
Transparency is required to establish a permanent relationsh
DrLakshman Jha Parimal
चुनावी घोषणा पत्र
चुनावी घोषणा पत्र
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
हम उनसे नहीं है भिन्न
हम उनसे नहीं है भिन्न
जगदीश लववंशी
Mukkadar bhi kya chij h,
Mukkadar bhi kya chij h,
Sakshi Tripathi
चाहती हूं मैं
चाहती हूं मैं
Divya Mishra
मां की अभिलाषा
मां की अभिलाषा
RAKESH RAKESH
💐अज्ञात के प्रति-121💐
💐अज्ञात के प्रति-121💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
बहुत वो साफ सुधरी ड्रेस में स्कूल आती थी।
बहुत वो साफ सुधरी ड्रेस में स्कूल आती थी।
विजय कुमार नामदेव
तेरा सहारा
तेरा सहारा
Er Sanjay Shrivastava
सच है, दुनिया हंसती है
सच है, दुनिया हंसती है
Saraswati Bajpai
शिक्षा एवं धर्म
शिक्षा एवं धर्म
Abhineet Mittal
होली गीत
होली गीत
umesh mehra
रामचरित पे संशय (मुक्तक)
रामचरित पे संशय (मुक्तक)
पंकज कुमार कर्ण
गम्भीर हवाओं का रुख है
गम्भीर हवाओं का रुख है
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
एक और इंकलाब
एक और इंकलाब
Shekhar Chandra Mitra
रंगमंच
रंगमंच
लक्ष्मी सिंह
तुम रट गये  जुबां पे,
तुम रट गये जुबां पे,
Satish Srijan
तलाकशुदा
तलाकशुदा
Dr. Pradeep Kumar Sharma
रूपसी
रूपसी
Prakash Chandra
कभी कम नहीं हो यह नूर
कभी कम नहीं हो यह नूर
gurudeenverma198
*चरण पादुका भरत उठाए (कुछ चौपाइयॉं)*
*चरण पादुका भरत उठाए (कुछ चौपाइयॉं)*
Ravi Prakash
सजन के संग होली में, खिलें सब रंग होली में।
सजन के संग होली में, खिलें सब रंग होली में।
डॉ.सीमा अग्रवाल
Loading...