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6 Jul 2016 · 1 min read

कौन तवज्जो देता है इन कोमल अहसासों को!

माँ जाने अपने बेटों के दिल के जज़्बातों को।
कौन तवज्जो देता है इन कोमल अहसासों को।

देकर जन्म न छोड़े साथ कभी ऐसी वो माँ है।
कोई दूजा उसके जैसा इस दुनिया मे ना है।
ऐसा रिश्ता है माँ की पहचाने हर सांसो को,
कौन तवज्जो देता है इन कोमल अहसासों को।

जब आया तकलीफ कभी तो वो आगे रहती है।
भूले उसको तो भी वो तुझको अपना कहती है।
सोचे बस तेरी खातिर सुन ले उसकी बातों को,
कौन तवज्जो देता है इन कोमल अहसासों को।

देवी की मूरत, ममता की सूरत, न्यारी है वो।
दुनिया ने लाई सबको जो सबसे प्यारी है वो।
उससे अच्छा कौन यहाँ छोड़ो इन सब बातोँ को,
कौन तवज्जो देता है इन कोमल अहसासों को।

हाँथ रखे सर पे वो जब किस्मत ही खुल जाते हैँ।
माँ हो जब सबसे आगे भाग तभी खुल पाते हैं।
डरते थे जब रातों में…. जागी वो हर रातो को,
कौन तवज्जो देता है इन कोमल अहसासों को।

पावन है छाया भी जिसकी जग-जननी माँ है वो।
मन में तो रहती है वो क्यों जाने न कहाँ है वो।
छोड़ उसे तुम,,,,,,, क्यों दोषी ठहराते हालातों को,
कौन तवज्जो देता है इन कोमल अहसासों को।

Language: Hindi
Tag: गीत
301 Views
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