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5 May 2024 · 1 min read

कोई नाराज़गी है तो बयाँ कीजिये हुजूर,

कोई नाराज़गी है तो बयाँ कीजिये हुजूर,
यूँ खफा खफा रहने से हल नहीं निकलता

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