Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
1 Dec 2023 · 1 min read

कोई काम हो तो बताना,पर जरूरत पर बहाना

कोई काम हो तो बताना,पर जरूरत पर बहाना
वाह री तेरी दुनिया,मतलब पूरा हुआ ,तो भाग जाना।
कैसे रिश्ते ,कैसे लोग,अपनो से भी कतरा के
निकल जाना।
वो दौर अलग था,जब दुःख के थे साथी
आज की हकीकत है,गिरगिट की तरह बदल जाना।
सगा भी अब सगा नही,गैरो का कुछ पता नही
पल पल है यहां पर,सांसों का अटक जाना ।

205 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
गीता में लिखा है...
गीता में लिखा है...
Omparkash Choudhary
क़ैद कर लीं हैं क्यों साँसे ख़ुद की 'नीलम'
क़ैद कर लीं हैं क्यों साँसे ख़ुद की 'नीलम'
Neelam Sharma
कभी फौजी भाइयों पर दुश्मनों के
कभी फौजी भाइयों पर दुश्मनों के
ओनिका सेतिया 'अनु '
कुछ लोगो का दिल जीत लिया आकर इस बरसात ने
कुछ लोगो का दिल जीत लिया आकर इस बरसात ने
सिद्धार्थ गोरखपुरी
ला मुरारी हीरो बनने ....
ला मुरारी हीरो बनने ....
Abasaheb Sarjerao Mhaske
लबो पे तबस्सुम निगाहों में बिजली,
लबो पे तबस्सुम निगाहों में बिजली,
Vishal babu (vishu)
3103.*पूर्णिका*
3103.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
*अभी भी शादियों में खर्च, सबकी प्राथमिकता है (मुक्तक)*
*अभी भी शादियों में खर्च, सबकी प्राथमिकता है (मुक्तक)*
Ravi Prakash
मजदूर दिवस पर
मजदूर दिवस पर
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
रमेशराज के पशु-पक्षियों से सम्बधित बाल-गीत
रमेशराज के पशु-पक्षियों से सम्बधित बाल-गीत
कवि रमेशराज
जो पहले ही कदमो में लडखडा जाये
जो पहले ही कदमो में लडखडा जाये
Swami Ganganiya
#शेर
#शेर
*Author प्रणय प्रभात*
फूलों की महक से मदहोश जमाना है...
फूलों की महक से मदहोश जमाना है...
कवि दीपक बवेजा
अधरों पर शतदल खिले, रुख़ पर खिले गुलाब।
अधरों पर शतदल खिले, रुख़ पर खिले गुलाब।
डॉ.सीमा अग्रवाल
💐प्रेम कौतुक-390💐
💐प्रेम कौतुक-390💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
प्रार्थना (मधुमालती छन्द)
प्रार्थना (मधुमालती छन्द)
नाथ सोनांचली
अपने बच्चों का नाम लिखावो स्कूल में
अपने बच्चों का नाम लिखावो स्कूल में
gurudeenverma198
गोरे तन पर गर्व न करियो (भजन)
गोरे तन पर गर्व न करियो (भजन)
Khaimsingh Saini
इंद्रधनुष
इंद्रधनुष
Dr Parveen Thakur
जीत वो सकते हैं कैसे
जीत वो सकते हैं कैसे
Dr fauzia Naseem shad
हो गया
हो गया
sushil sarna
टेंशन है, कुछ समझ नहीं आ रहा,क्या करूं,एक ब्रेक लो,प्रॉब्लम
टेंशन है, कुछ समझ नहीं आ रहा,क्या करूं,एक ब्रेक लो,प्रॉब्लम
dks.lhp
आशा
आशा
Sanjay ' शून्य'
DR arun कुमार shastri
DR arun कुमार shastri
DR ARUN KUMAR SHASTRI
वतन
वतन
डॉ०छोटेलाल सिंह 'मनमीत'
धर्मनिरपेक्ष मूल्य
धर्मनिरपेक्ष मूल्य
Shekhar Chandra Mitra
कर ले प्यार
कर ले प्यार
Ashwani Kumar Jaiswal
चाहो न चाहो ये ज़िद है हमारी,
चाहो न चाहो ये ज़िद है हमारी,
Kanchan Alok Malu
बहना तू सबला बन 🙏🙏
बहना तू सबला बन 🙏🙏
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
मुक्तक -*
मुक्तक -*
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
Loading...