Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
17 Feb 2024 · 1 min read

कुछ मन की कोई बात लिख दूँ…!

कुछ मन की कोई बात लिख दूँ…!
आज पतझड़ को बसंत लिख दूँ…!

जो इश्क़ का अर्थ लिखने बैठू तो
बुरहानपुर को मोहब्बत लिख दूँ…!!

~ Aarti Sirsat

1 Like · 131 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
#इंतज़ार_जारी
#इंतज़ार_जारी
*प्रणय प्रभात*
स्त्री-देह का उत्सव / MUSAFIR BAITHA
स्त्री-देह का उत्सव / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
अजीब शौक पाला हैं मैने भी लिखने का..
अजीब शौक पाला हैं मैने भी लिखने का..
शेखर सिंह
असुर सम्राट भक्त प्रह्लाद – गर्भ और जन्म – 04
असुर सम्राट भक्त प्रह्लाद – गर्भ और जन्म – 04
Kirti Aphale
ग़ज़ल
ग़ज़ल
ईश्वर दयाल गोस्वामी
*जीवन साथी धन्य है, नमस्कार सौ बार (पॉंच दोहे)*
*जीवन साथी धन्य है, नमस्कार सौ बार (पॉंच दोहे)*
Ravi Prakash
ज़िंदगी में बेहतर नज़र आने का
ज़िंदगी में बेहतर नज़र आने का
Dr fauzia Naseem shad
*अज्ञानी की कलम*
*अज्ञानी की कलम*
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
मुक्तक... छंद मनमोहन
मुक्तक... छंद मनमोहन
डॉ.सीमा अग्रवाल
ईज्जत
ईज्जत
Rituraj shivem verma
वन्दे मातरम वन्दे मातरम
वन्दे मातरम वन्दे मातरम
Swami Ganganiya
बारिश के लिए
बारिश के लिए
Srishty Bansal
कोई भी जंग अंग से नही बल्कि हौसले और उमंग से जीती जाती है।
कोई भी जंग अंग से नही बल्कि हौसले और उमंग से जीती जाती है।
Rj Anand Prajapati
सत्य की खोज
सत्य की खोज
ओमप्रकाश भारती *ओम्*
योग
योग
जगदीश शर्मा सहज
बुंदेली दोहा- चंपिया
बुंदेली दोहा- चंपिया
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
सोचते हो ऐसा क्या तुम भी
सोचते हो ऐसा क्या तुम भी
gurudeenverma198
इन चरागों को अपनी आंखों में कुछ इस तरह महफूज़ रखना,
इन चरागों को अपनी आंखों में कुछ इस तरह महफूज़ रखना,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
!! दर्द भरी ख़बरें !!
!! दर्द भरी ख़बरें !!
Chunnu Lal Gupta
टूट गया हूं शीशे सा,
टूट गया हूं शीशे सा,
Umender kumar
संध्या वंदन कीजिए,
संध्या वंदन कीजिए,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
साकार नहीं होता है
साकार नहीं होता है
हिमांशु बडोनी (दयानिधि)
2833. *पूर्णिका*
2833. *पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
Affection couldn't be found in shallow spaces.
Affection couldn't be found in shallow spaces.
Manisha Manjari
समय के हाथ पर ...
समय के हाथ पर ...
sushil sarna
"बिन तेरे"
Dr. Kishan tandon kranti
*चुनाव से पहले नेता जी बातों में तार गए*
*चुनाव से पहले नेता जी बातों में तार गए*
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
तुम्हारा मेरा रिश्ता....
तुम्हारा मेरा रिश्ता....
पूर्वार्थ
मेरा आसमां 🥰
मेरा आसमां 🥰
DR ARUN KUMAR SHASTRI
9-अधम वह आदमी की शक्ल में शैतान होता है
9-अधम वह आदमी की शक्ल में शैतान होता है
Ajay Kumar Vimal
Loading...