Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
10 Nov 2016 · 1 min read

कुछ दोहे

(1)

दर्शन करने श्याम का,चल वृन्दावन धाम !
जग का पालन हार वो , जप ले राधे नाम !

(2)

मनमोहन की बाँसुरी, लेती राधा नाम !
मधुवन आई राधिका , छोड़-छाड़ के काम !

(3)

मनमोहक है सांवरे , कहते चितवन चोर !
कण-कण में व्यापत वही , दिखते है चहुंओर !

(4)

जग सागर है प्रेम का , इसमें ज़हर न घोल !
सब होंगे तेरे सखा , मीठी वाणी बोल !

(5)

आँगन सूना लग रहा , पिया गयें परदेश !
दिन महीने गुजर रहे, बिन पाती संदेश !

(6)

पीपल नीम नहीं रहें , खोजे राही छाँव !
कौवा कोयल गुम हुए ,सूना अमवा गाँव !

✍दुष्यंत कुमार पटेल✍

Language: Hindi
775 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dushyant Kumar Patel
View all
You may also like:
दोहा मुक्तक -*
दोहा मुक्तक -*
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
जमाना जीतने की ख्वाइश नहीं है मेरी!
जमाना जीतने की ख्वाइश नहीं है मेरी!
Vishal babu (vishu)
खुदकुशी नहीं, इंकलाब करो
खुदकुशी नहीं, इंकलाब करो
Shekhar Chandra Mitra
युवा मन❤️‍🔥🤵
युवा मन❤️‍🔥🤵
डॉ० रोहित कौशिक
"माँ की छवि"
Ekta chitrangini
प्रकाश
प्रकाश
Saraswati Bajpai
मत भूल खुद को!
मत भूल खुद को!
Sueta Dutt Chaudhary Fiji
गुरु महादेव रमेश गुरु है,
गुरु महादेव रमेश गुरु है,
Satish Srijan
जीवन का फलसफा/ध्येय यह हो...
जीवन का फलसफा/ध्येय यह हो...
Dr MusafiR BaithA
कोयल (बाल कविता)
कोयल (बाल कविता)
नाथ सोनांचली
घर की चाहत ने, मुझको बेघर यूँ किया, की अब आवारगी से नाता मेरा कुछ ख़ास है।
घर की चाहत ने, मुझको बेघर यूँ किया, की अब आवारगी से नाता मेरा कुछ ख़ास है।
Manisha Manjari
तुम मेरी जिन्दगी बन गए हो।
तुम मेरी जिन्दगी बन गए हो।
Taj Mohammad
"तुम्हारे रहने से"
Dr. Kishan tandon kranti
शाश्वत प्रेम
शाश्वत प्रेम
Bodhisatva kastooriya
इस धरातल के ताप का नियंत्रण शैवाल,पेड़ पौधे और समन्दर करते ह
इस धरातल के ताप का नियंत्रण शैवाल,पेड़ पौधे और समन्दर करते ह
Rj Anand Prajapati
Writing Challenge- धन (Money)
Writing Challenge- धन (Money)
Sahityapedia
*विभीषण (कुंडलिया)*
*विभीषण (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
धरती ने जलवाष्पों को आसमान तक संदेश भिजवाया
धरती ने जलवाष्पों को आसमान तक संदेश भिजवाया
ruby kumari
जानता हूं
जानता हूं
Er. Sanjay Shrivastava
Trying to look good.....
Trying to look good.....
सिद्धार्थ गोरखपुरी
वादा करती हूं मै भी साथ रहने का
वादा करती हूं मै भी साथ रहने का
Ram Krishan Rastogi
बचपन
बचपन
Anil "Aadarsh"
हो असत का नगर तो नगर छोड़ दो।
हो असत का नगर तो नगर छोड़ दो।
Sanjay ' शून्य'
■ जय लोकतंत्र
■ जय लोकतंत्र
*Author प्रणय प्रभात*
तेरी धरती का खा रहे हैं हम
तेरी धरती का खा रहे हैं हम
नूरफातिमा खातून नूरी
कविता-शिश्कियाँ बेचैनियां अब सही जाती नहीं
कविता-शिश्कियाँ बेचैनियां अब सही जाती नहीं
Shyam Pandey
जितना आपके पास उपस्थित हैं
जितना आपके पास उपस्थित हैं
Aarti sirsat
कलयुगी दोहावली
कलयुगी दोहावली
Prakash Chandra
दिल को समझाने का ही तो सारा मसला है
दिल को समझाने का ही तो सारा मसला है
shabina. Naaz
💐प्रेम कौतुक-516💐
💐प्रेम कौतुक-516💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
Loading...