Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
6 Aug 2023 · 1 min read

कीमतों ने छुआ आसमान

चाय के कप के दर्शन नहीं
होते हैं अब छोटे बाजारों में
कागज के छोटे कप में चाय
परोसी जाती है तलबगारों में
महंगाई के मकड़जाल ने जन
जन को जकड़ किया हलकान
हर वस्तु की मात्रा कम होती जा
रही, कीमतों ने छुआ आसमान
बाजारों के रुख पर निगरानी के
लिए कहीं कोई तंत्र नहीं दिखता
जिसके मन में जो आता है वो
उसी हिसाब से लेन देन करता
हे ईश्वर मेरे देश के कर्णधारों
को देना सन्मति औ सही मंत्र
बढ़ती हुई महंगाई पर प्रभावी
अंकुश को सक्रिय करें वो तंत्र

Language: Hindi
106 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
रंग तो प्रेम की परिभाषा है
रंग तो प्रेम की परिभाषा है
Dr. Man Mohan Krishna
विरहणी के मुख से कुछ मुक्तक
विरहणी के मुख से कुछ मुक्तक
Ram Krishan Rastogi
शिव अराधना
शिव अराधना
नवीन जोशी 'नवल'
संसार का स्वरूप (2)
संसार का स्वरूप (2)
ठाकुर प्रतापसिंह "राणाजी"
16- उठो हिन्द के वीर जवानों
16- उठो हिन्द के वीर जवानों
Ajay Kumar Vimal
■ कहानी घर-घर की।
■ कहानी घर-घर की।
*Author प्रणय प्रभात*
हँसी
हँसी
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
झरोखा
झरोखा
Sandeep Pande
नव वर्ष
नव वर्ष
Satish Srijan
ज़िंदगी क्या है ?
ज़िंदगी क्या है ?
Dr fauzia Naseem shad
****मतदान करो****
****मतदान करो****
Kavita Chouhan
*खड़ी हूँ अभी उसी की गली*
*खड़ी हूँ अभी उसी की गली*
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
गांधी का अवतरण नहीं होता 
गांधी का अवतरण नहीं होता 
Dr. Pradeep Kumar Sharma
माया मोह के दलदल से
माया मोह के दलदल से
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
"वट वृक्ष है पिता"
Ekta chitrangini
शक
शक
Paras Nath Jha
आँख से अपनी अगर शर्म-ओ-हया पूछेगा
आँख से अपनी अगर शर्म-ओ-हया पूछेगा
Fuzail Sardhanvi
3242.*पूर्णिका*
3242.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
जलियांवाला बाग,
जलियांवाला बाग,
अनूप अम्बर
माँ की याद आती है ?
माँ की याद आती है ?
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
फितरत,,,
फितरत,,,
Bindravn rai Saral
दिल  में हसरत  जगे तो दबाना नहीं।
दिल में हसरत जगे तो दबाना नहीं।
सत्येन्द्र पटेल ‘प्रखर’
ज़ब तक धर्मों मे पाप धोने की व्यवस्था है
ज़ब तक धर्मों मे पाप धोने की व्यवस्था है
शेखर सिंह
शब्द : एक
शब्द : एक
DR. Kaushal Kishor Shrivastava
छोटी-सी बात यदि समझ में आ गयी,
छोटी-सी बात यदि समझ में आ गयी,
Buddha Prakash
If life is a dice,
If life is a dice,
DrChandan Medatwal
"सुपारी"
Dr. Kishan tandon kranti
ज़िदादिली
ज़िदादिली
Shyam Sundar Subramanian
*अज्ञानी की कलम*
*अज्ञानी की कलम*
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
अरे मुंतशिर ! तेरा वजूद तो है ,
अरे मुंतशिर ! तेरा वजूद तो है ,
ओनिका सेतिया 'अनु '
Loading...