Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
10 Jan 2023 · 1 min read

*किसी फिल्म की, जीवन एक कहानी है 【हिंदी गजल/ गीतिका 】*

किसी फिल्म की, जीवन एक कहानी है 【हिंदी गजल/ गीतिका 】
■■■■■■■■■■■■■■■■■■■
{1}
सच पूछो तो किसी फिल्म की, जीवन एक कहानी है
कोई अनहोनी-होनी, जीवन में सबके आनी है
{2}
रिश्ते टिके हुए हैं, ओछे-टुटपुँजिए खंभों पर ही
पद-पैसा है सार, अन्यथा सारा जग अभिमानी है
{3}
नकली मुस्कानें, गुलाब के फूलों से अगवानी है
उल्लू सीधा करने की, यह वाली प्रथा पुरानी है
{4}
देर नहीं लगती है, रिश्तों को बूढ़ा हो जाने में
सब ही रिश्तों की शर्त, प्यार की खाद और पानी है
{5}
मॉल घूमना साथ-साथ, पिक्चर दिखलाने ले जाना
कहे-अनकहे प्रणय-भाव की, यह व्यवहार निशानी है
■■■■■■■■■■■■■■■■■■■
रचयिता : रवि प्रकाश
बाजार सर्राफा, रामपुर (उ.प्र.)
मो. 9997615451

355 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Ravi Prakash
View all
You may also like:
हम अपनी आवारगी से डरते हैं
हम अपनी आवारगी से डरते हैं
Surinder blackpen
मोहब्बत
मोहब्बत
Dinesh Kumar Gangwar
चाँद
चाँद
ओंकार मिश्र
गुरु ही वर्ण गुरु ही संवाद ?🙏🙏
गुरु ही वर्ण गुरु ही संवाद ?🙏🙏
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
तुम्हें रूठना आता है मैं मनाना सीख लूँगा,
तुम्हें रूठना आता है मैं मनाना सीख लूँगा,
pravin sharma
वक्त की जेबों को टटोलकर,
वक्त की जेबों को टटोलकर,
अनिल कुमार
उसकी रहमत से खिलें, बंजर में भी फूल।
उसकी रहमत से खिलें, बंजर में भी फूल।
डॉ.सीमा अग्रवाल
*संपूर्ण रामचरितमानस का पाठ/ दैनिक रिपोर्ट*
*संपूर्ण रामचरितमानस का पाठ/ दैनिक रिपोर्ट*
Ravi Prakash
2649.पूर्णिका
2649.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
🥀 *अज्ञानी की कलम*🥀
🥀 *अज्ञानी की कलम*🥀
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
मौन आँखें रहीं, कष्ट कितने सहे,
मौन आँखें रहीं, कष्ट कितने सहे,
Arvind trivedi
हां मैं पागल हूं दोस्तों
हां मैं पागल हूं दोस्तों
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
💐प्रेम कौतुक-462💐
💐प्रेम कौतुक-462💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
प्रतिबद्ध मन
प्रतिबद्ध मन
लक्ष्मी सिंह
बुला लो
बुला लो
Dr.Pratibha Prakash
*खादिम*
*खादिम*
DR ARUN KUMAR SHASTRI
हिंदी दिवस पर एक आलेख
हिंदी दिवस पर एक आलेख
कवि रमेशराज
बात
बात
Shyam Sundar Subramanian
"सस्ते" लोगों से
*Author प्रणय प्रभात*
बाल कविता: चिड़िया आयी
बाल कविता: चिड़िया आयी
Rajesh Kumar Arjun
कुंडलिया छंद *
कुंडलिया छंद *
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
"सूर्य -- जो अस्त ही नहीं होता उसका उदय कैसे संभव है" ! .
Atul "Krishn"
अब महान हो गए
अब महान हो गए
विक्रम कुमार
भूख
भूख
RAKESH RAKESH
"आलिंगन"
Dr. Kishan tandon kranti
जब  फ़ज़ाओं  में  कोई  ग़म  घोलता है
जब फ़ज़ाओं में कोई ग़म घोलता है
प्रदीप माहिर
परिंदा
परिंदा
VINOD CHAUHAN
जीवन  के  हर  चरण  में,
जीवन के हर चरण में,
Sueta Dutt Chaudhary Fiji
इतनी फुर्सत है कहां, जो करते हम जाप
इतनी फुर्सत है कहां, जो करते हम जाप
Suryakant Dwivedi
महाशिवरात्रि
महाशिवरात्रि
Seema gupta,Alwar
Loading...