Oct 8, 2016 · 1 min read

किसी के दिल की जबां हिचकियाँ बोल रही है

किसी के दिल की जबां हिचकियाँ बोल रही हैं
एक अहसास की हवा खिड़कियाँ खोल रही हैं
***********************************
न मुमकिन भी नही अब पहुँचना उस तलक
रूह उसी की तो अब नजदीकियाँ टटोल रही है
***********************************
कपिल कुमार
08/10/2016

131 Views
You may also like:
मेरे पिता
rubichetanshukla रुबी चेतन शुक्ला
हमारी मां हमारी शक्ति ( मातृ दिवस पर विशेष)
ओनिका सेतिया 'अनु '
बे-पर्दे का हुस्न।
Taj Mohammad
हे गुरू।
Anamika Singh
सच में ईश्वर लगते पिता हमारें।।
Taj Mohammad
"क़तरा"
Ajit Kumar "Karn"
🍀🌺प्रेम की राह पर-51🌺🍀
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
मनुज से कुत्ते कुछ अच्छे।
Pt. Brajesh Kumar Nayak
Angad tiwari
Angad Tiwari
प्रेम की पींग बढ़ाओ जरा धीरे धीरे
Ram Krishan Rastogi
सही दिशा में
Ratan Kirtaniya
मां
हरीश सुवासिया
तुम मेरे वो तुम हो...
Sapna K S
मौत बाटे अटल
आकाश महेशपुरी
**दोस्ती हैं अजूबा**
Dr. Alpa H.
कैसे समझाऊँ तुझे...
Sapna K S
राष्ट्रवाद का रंग
मनोज कर्ण
होते हैं कई ऐसे प्रसंग
Dr. Alpa H.
ज़िंदगी।
Taj Mohammad
*!* हट्टे - कट्टे चट्टे - बट्टे *!*
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
My Expressions
Shyam Sundar Subramanian
किसी और के खुदा बन गए है।
Taj Mohammad
"जीवन"
Archana Shukla "Abhidha"
कौन है
Rakesh Pathak Kathara
ममता की फुलवारी माँ हमारी
Dr. Alpa H.
My Expressions
Shyam Sundar Subramanian
कितनी सुंदरता पहाड़ो में हैं भरी.....
Dr. Alpa H.
जय जगजननी ! मातु भवानी(भगवती गीत)
मनोज कर्ण
पिता की छाँव...
मनोज कर्ण
💐💐धड़कता दिल कहे सब कुछ तुम्हारी याद आती है💐💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
Loading...