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8 Oct 2016 · 1 min read

किसी के दिल की जबां हिचकियाँ बोल रही है

किसी के दिल की जबां हिचकियाँ बोल रही हैं
एक अहसास की हवा खिड़कियाँ खोल रही हैं
***********************************
न मुमकिन भी नही अब पहुँचना उस तलक
रूह उसी की तो अब नजदीकियाँ टटोल रही है
***********************************
कपिल कुमार
08/10/2016

Language: Hindi
444 Views
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