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27 Feb 2024 · 1 min read

किसी के टुकड़े पर पलने से अच्छा है खुद की ठोकरें खाईं जाए।

किसी के टुकड़े पर पलने से अच्छा है खुद की ठोकरें खाईं जाए।
RJ Anand Prajapati

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