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23 Jan 2017 · 1 min read

किया प्यार मैंने करो प्यार तुम भी

किया प्यार मैंने करो प्यार तुम भी
निभाना मेरे साथ ये प्यार तुम भी

गलतफहमियां जो खड़ी दरमियाँ है
खतावार गर मैं खतावार तुम भी

नहीं रार आपस में मैं होने दूँगा
न करना कभी कोई तकरार तुम भी

न लब कह सकें तो निगाहों से कह दो
मगर प्यार का कर दो इजहार तुम भी

बदल राह दी मैंने अब जिन्दगी में
बसा इक नया लेना संसार तुम भी

मिटा डाला जब मैंने खुद दूरियों को
तभी तोड़ देते ये दीवार तुम भी

मनाता रहा ‘अर्चना’ बस तुम्हें मैं
रही आस ये करते मनुहार तुम भी

डॉ अर्चना गुप्ता

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