Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
17 Mar 2024 · 1 min read

कितना प्यार

हे तुझसे कितना प्यार मुझे
हो वे क्यों ना यकीन तुझे
मैं ना हनुमान कोई
जो दिखाऊं सीना चीर तुझे
हे तुझसे कितना प्यार मुझे
हो वे क्यों ना यकीन तुझे

मेरे लिए तू क्यों रहता अंधेरे में
हे तू दिल का साफ
हे सारी कमियाँ मेरे में
उजाला फैला, सारे जहां में
बसा अंधियारा, मन के मेरे में
मैं खुशियां ढूंढता, सारे जहान में
खुशियों का अम्बार पाया, मैंने,
मन के मेरे में

हे तुझे कितना प्यार मुझे
हो वे क्यों ना यकीन तुझे
मैं ना हनुमान कोई
जो दिखाऊं सीना चीर तुझे
हे तुझसे कितना प्यार मुझे
हो वे क्यों ना यकीन तुझे

हे छोटी सी जिंदगी अपनी
बडा अपना, कोई रोल नहीं
बड़ी बातें करते हैं जो लोग
वो बड़े होते नहीं
बड़ों ने, जो बातें कहीं
वह अनमोल हे कही
हे छोटे लब्ज अपने
बड़े अपने बोल नहीं
हे जो सबके, दिलों में बसा
मैं उसे, हकीकत में देखो कभी
हे इतनी सी ख्वाहिश अपनी
मैं तुझे अपना बनालू कभी

हे तुझसे कितना प्यार मुझे
हो वे क्यों ना यकीन तुझे
मैं ना हनुमान कोई
जो सीना चीर दिखाऊं तुझे
हे तुझसे कितना प्यार मुझे
हो वे क्यों ना यकीन है तुझे

Language: Hindi
96 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
याद कब हमारी है
याद कब हमारी है
Shweta Soni
अज्ञानी की कलम
अज्ञानी की कलम
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
देखकर प्यारा सवेरा
देखकर प्यारा सवेरा
surenderpal vaidya
2836. *पूर्णिका*
2836. *पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
"वक्त की बेड़ियों में कुछ उलझ से गए हैं हम, बेड़ियाँ रिश्तों
Sakshi Singh
यहां कुछ भी स्थाई नहीं है
यहां कुछ भी स्थाई नहीं है
शेखर सिंह
A Hopeless Romantic
A Hopeless Romantic
Vedha Singh
नफरत दिलों की मिटाने, आती है यह होली
नफरत दिलों की मिटाने, आती है यह होली
gurudeenverma198
#गुलमोहरकेफूल
#गुलमोहरकेफूल
कार्तिक नितिन शर्मा
********* कुछ पता नहीं *******
********* कुछ पता नहीं *******
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
2) भीड़
2) भीड़
पूनम झा 'प्रथमा'
किसान
किसान
Dp Gangwar
■ दुर्भाग्य
■ दुर्भाग्य
*प्रणय प्रभात*
"मोहब्बत में"
Dr. Kishan tandon kranti
क्या कहें
क्या कहें
Dr fauzia Naseem shad
आँखों का कोना एक बूँद से ढँका देखा  है मैंने
आँखों का कोना एक बूँद से ढँका देखा है मैंने
शिव प्रताप लोधी
दिव्य दर्शन है कान्हा तेरा
दिव्य दर्शन है कान्हा तेरा
Neelam Sharma
भाई दोज
भाई दोज
Ram Krishan Rastogi
खोटा सिक्का
खोटा सिक्का
Mukesh Kumar Sonkar
हृदय में वेदना इतनी कि अब हम सह नहीं सकते
हृदय में वेदना इतनी कि अब हम सह नहीं सकते
हरवंश हृदय
स्पेशल अंदाज में बर्थ डे सेलिब्रेशन
स्पेशल अंदाज में बर्थ डे सेलिब्रेशन
Dr. Pradeep Kumar Sharma
मुस्किले, तकलीफे, परेशानियां कुछ और थी
मुस्किले, तकलीफे, परेशानियां कुछ और थी
Kumar lalit
संभावना है जीवन, संभावना बड़ी है
संभावना है जीवन, संभावना बड़ी है
Suryakant Dwivedi
मुफ़्त
मुफ़्त
नंदन पंडित
तारो की चमक ही चाँद की खूबसूरती बढ़ाती है,
तारो की चमक ही चाँद की खूबसूरती बढ़ाती है,
Ranjeet kumar patre
होंठ को छू लेता है सबसे पहले कुल्हड़
होंठ को छू लेता है सबसे पहले कुल्हड़
सिद्धार्थ गोरखपुरी
*चंद्रयान ने छू लिया, दक्षिण ध्रुव में चॉंद*
*चंद्रयान ने छू लिया, दक्षिण ध्रुव में चॉंद*
Ravi Prakash
मेरा घर
मेरा घर
हिमांशु बडोनी (दयानिधि)
सच तो फूल होते हैं।
सच तो फूल होते हैं।
Neeraj Agarwal
वसुंधरा की पीड़ा हरिए --
वसुंधरा की पीड़ा हरिए --
Seema Garg
Loading...