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17 Mar 2023 · 1 min read

कालजई रचना

उस निर्णायक मौक़े पर
जब मानवता की चीखों से
हिल उठी थी यह धरती
और इस देश या समाज को
तुम्हारी सबसे ज़्यादा
ज़रूरत थी,
तुम एक दरबारी शायर बनकर
किसी सुरक्षित दायरे में
आराम से बैठे हुए
कालजई रचनाएं करने में
मग्न थे।
लानत है तुम्हें!
#चापलूस #सरकारी
#कवि #भाट #चारण
#रागदरबारी #कलम

Language: Hindi
150 Views
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