Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
25 Jan 2024 · 1 min read

कारोबार

उसकी बातों से रहा,
बस मुझे सरोकार।
मतलब से चलता रहा,
उसका कारोबार।

Language: Hindi
68 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
*दीपावली का ऐतिहासिक महत्व*
*दीपावली का ऐतिहासिक महत्व*
Harminder Kaur
2619.पूर्णिका
2619.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
आज तक इस धरती पर ऐसा कोई आदमी नहीं हुआ , जिसकी उसके समकालीन
आज तक इस धरती पर ऐसा कोई आदमी नहीं हुआ , जिसकी उसके समकालीन
Raju Gajbhiye
मेरे दिल के मन मंदिर में , आओ साईं बस जाओ मेरे साईं
मेरे दिल के मन मंदिर में , आओ साईं बस जाओ मेरे साईं
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
लोग ऐसे दिखावा करते हैं
लोग ऐसे दिखावा करते हैं
ruby kumari
यह समय / MUSAFIR BAITHA
यह समय / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
सत्य की खोज
सत्य की खोज
Dheerja Sharma
सितम ढाने का, हिसाब किया था हमने,
सितम ढाने का, हिसाब किया था हमने,
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
प्रिंसिपल सर
प्रिंसिपल सर
Dr. Pradeep Kumar Sharma
#लघुकथा
#लघुकथा
*Author प्रणय प्रभात*
,,,,,,
,,,,,,
शेखर सिंह
*****खुद का परिचय *****
*****खुद का परिचय *****
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
इच्छा शक्ति अगर थोड़ी सी भी हो तो निश्चित
इच्छा शक्ति अगर थोड़ी सी भी हो तो निश्चित
Paras Nath Jha
परिस्थितियॉं बदल गईं ( लघु कथा)
परिस्थितियॉं बदल गईं ( लघु कथा)
Ravi Prakash
हाँ, नहीं आऊंगा अब कभी
हाँ, नहीं आऊंगा अब कभी
gurudeenverma198
"मैं तुम्हारा रहा"
Lohit Tamta
आसमान में बादल छाए
आसमान में बादल छाए
Neeraj Agarwal
कन्यादान
कन्यादान
Mukesh Kumar Sonkar
दो सहोदर
दो सहोदर
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
जीवन साथी
जीवन साथी
Aman Sinha
"पिता है तो"
Dr. Kishan tandon kranti
दीवानगी
दीवानगी
Shyam Sundar Subramanian
हुई बरसात टूटा इक पुराना, पेड़ था आख़िर
हुई बरसात टूटा इक पुराना, पेड़ था आख़िर
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
!! मेरी विवशता !!
!! मेरी विवशता !!
Akash Yadav
शहर की गर्मी में वो छांव याद आता है, मस्ती में बीता जहाँ बचप
शहर की गर्मी में वो छांव याद आता है, मस्ती में बीता जहाँ बचप
Shubham Pandey (S P)
खोखला अहं
खोखला अहं
Madhavi Srivastava
कोरोना :शून्य की ध्वनि
कोरोना :शून्य की ध्वनि
Mahendra singh kiroula
दिसम्बर की सर्द शाम में
दिसम्बर की सर्द शाम में
Dr fauzia Naseem shad
धिक्कार है धिक्कार है ...
धिक्कार है धिक्कार है ...
आर एस आघात
मेला झ्क आस दिलों का ✍️✍️
मेला झ्क आस दिलों का ✍️✍️
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
Loading...