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27 Jun 2018 · 1 min read

काम बाकी है

अभी बहुत से काम बाकी है
जुड़ना नाम से नाम बाकि है !

अपने हौसलों को उड़ान दे
अभी पाना मुकाम बाकी है !

लुटाई है जो नेमत बेपनाह
मिलना उसका दाम बाकि है !

अश्को से भरे नयन प्याले
पीने वो अभी जाम बाकी है !

मुँह मोड़कर जो चले गए
कहना उन्हें सलाम बाकि है !

उम्र भर से बनाने में लगे मकां-ऐ-कब्र
“धर्म” का उसमे करना आराम बाकि है !!

डी के निवातिया

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