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Aug 12, 2016 · 1 min read

काबिल है हम दोनों के….

बेपनाह मोहब्बत कीजिए या
नफ़रत
काबिल है हम दोनों के ऐ मेरे दोस्त,
नजरिया आपका अपना है
विश्वास न तोड़ना ऐ मेरे दोस्त
हमें धोखे से डर लगता है,
मोहब्बत नफरत में बदल जायेगी
नफरत मोहब्बत में,
विश्वास अगर बदल गया धोखे में
ऐ मेरे दोस्त
धोखा नही बदलता फिर विश्वास में,
हम आप पर बेपनाह विश्वास करते है
ऐ मेरे दोस्त,
बस आपको खोने से डर लगता है
धोखे से डर लगता है,
विश्वास न तोड़ना…..

^^^^दिनेश शर्मा^^^^

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