Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
12 Aug 2016 · 1 min read

काबिल है हम दोनों के….

बेपनाह मोहब्बत कीजिए या
नफ़रत
काबिल है हम दोनों के ऐ मेरे दोस्त,
नजरिया आपका अपना है
विश्वास न तोड़ना ऐ मेरे दोस्त
हमें धोखे से डर लगता है,
मोहब्बत नफरत में बदल जायेगी
नफरत मोहब्बत में,
विश्वास अगर बदल गया धोखे में
ऐ मेरे दोस्त
धोखा नही बदलता फिर विश्वास में,
हम आप पर बेपनाह विश्वास करते है
ऐ मेरे दोस्त,
बस आपको खोने से डर लगता है
धोखे से डर लगता है,
विश्वास न तोड़ना…..

^^^^दिनेश शर्मा^^^^

Language: Hindi
320 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
दिल तोड़ने की बाते करने करने वाले ही होते है लोग
दिल तोड़ने की बाते करने करने वाले ही होते है लोग
shabina. Naaz
After becoming a friend, if you do not even talk or write tw
After becoming a friend, if you do not even talk or write tw
DrLakshman Jha Parimal
*हम तो हम भी ना बन सके*
*हम तो हम भी ना बन सके*
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
ओझल तारे हो रहे, अभी हो रही भोर।
ओझल तारे हो रहे, अभी हो रही भोर।
surenderpal vaidya
"चार दिना की चांदनी
*Author प्रणय प्रभात*
जून की दोपहर (कविता)
जून की दोपहर (कविता)
Kanchan Khanna
अपने क़द से
अपने क़द से
Dr fauzia Naseem shad
चर्चित हो जाऊँ
चर्चित हो जाऊँ
संजय कुमार संजू
बसंत
बसंत
Bodhisatva kastooriya
न चाहिए
न चाहिए
Divya Mishra
यशस्वी भव
यशस्वी भव
मनोज कर्ण
जागी जवानी
जागी जवानी
Pt. Brajesh Kumar Nayak
*पार्क (बाल कविता)*
*पार्क (बाल कविता)*
Ravi Prakash
बाधाएं आती हैं आएं घिरे प्रलय की घोर घटाएं पावों के नीचे अंग
बाधाएं आती हैं आएं घिरे प्रलय की घोर घटाएं पावों के नीचे अंग
पूर्वार्थ
गुजारे गए कुछ खुशी के पल,
गुजारे गए कुछ खुशी के पल,
Arun B Jain
तेरा हम परदेशी, कैसे करें एतबार
तेरा हम परदेशी, कैसे करें एतबार
gurudeenverma198
इश्क़ का दामन थामे
इश्क़ का दामन थामे
Surinder blackpen
बस यूँ ही
बस यूँ ही
Neelam Sharma
राह तक रहे हैं नयना
राह तक रहे हैं नयना
Ashwani Kumar Jaiswal
हर ज़ख्म हमने पाया गुलाब के जैसा,
हर ज़ख्म हमने पाया गुलाब के जैसा,
लवकुश यादव "अज़ल"
अगर मेरे अस्तित्व को कविता का नाम दूँ,  तो इस कविता के भावार
अगर मेरे अस्तित्व को कविता का नाम दूँ, तो इस कविता के भावार
नव लेखिका
बूत परस्ती से ही सीखा,
बूत परस्ती से ही सीखा,
Satish Srijan
तुम्हारी जय जय चौकीदार
तुम्हारी जय जय चौकीदार
Shyamsingh Lodhi (Tejpuriya)
Maine Dekha Hai Apne Bachpan Ko!
Maine Dekha Hai Apne Bachpan Ko!
Srishty Bansal
--: पत्थर  :--
--: पत्थर :--
Dhirendra Singh
कहां छुपाऊं तुम्हें
कहां छुपाऊं तुम्हें
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
"दरख़्त"
Dr. Kishan tandon kranti
चाँद खिलौना
चाँद खिलौना
SHAILESH MOHAN
बड़े मिनरल वाटर पी निहाल : उमेश शुक्ल के हाइकु
बड़े मिनरल वाटर पी निहाल : उमेश शुक्ल के हाइकु
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
कृषि पर्व वैशाखी....
कृषि पर्व वैशाखी....
डॉ.सीमा अग्रवाल
Loading...