Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
9 Aug 2023 · 1 min read

#क़तआ (मुक्तक)

#क़तआ (मुक्तक)
■ दिन-रात परनिंदा में लगे रहने वालों के विरुद्ध।

1 Like · 111 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
योगी?
योगी?
Sanjay ' शून्य'
हरियर जिनगी म सजगे पियर रंग
हरियर जिनगी म सजगे पियर रंग
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
दोस्ती की कीमत - कहानी
दोस्ती की कीमत - कहानी
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
Dr Arun Kumar shastri
Dr Arun Kumar shastri
DR ARUN KUMAR SHASTRI
करवाचौथ (कुंडलिया)
करवाचौथ (कुंडलिया)
गुमनाम 'बाबा'
बेरोजगारी
बेरोजगारी
पंकज कुमार कर्ण
मरने के बाद करेंगे आराम
मरने के बाद करेंगे आराम
Keshav kishor Kumar
"दो धाराएँ"
Dr. Kishan tandon kranti
2942.*पूर्णिका*
2942.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
जल उठी है फिर से आग नफ़रतों की ....
जल उठी है फिर से आग नफ़रतों की ....
shabina. Naaz
आज बुजुर्ग चुप हैं
आज बुजुर्ग चुप हैं
VINOD CHAUHAN
आया पर्व पुनीत....
आया पर्व पुनीत....
डॉ.सीमा अग्रवाल
.....,
.....,
शेखर सिंह
दे ऐसी स्वर हमें मैया
दे ऐसी स्वर हमें मैया
Basant Bhagawan Roy
*सुनिए बारिश का मधुर, बिखर रहा संगीत (कुंडलिया)*
*सुनिए बारिश का मधुर, बिखर रहा संगीत (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
याद आती है
याद आती है
इंजी. संजय श्रीवास्तव
निराकार परब्रह्म
निराकार परब्रह्म
भवानी सिंह धानका 'भूधर'
Kabhi kitabe pass hoti hai
Kabhi kitabe pass hoti hai
Sakshi Tripathi
"एडिटर्स च्वाइस"
*प्रणय प्रभात*
छठ परब।
छठ परब।
Acharya Rama Nand Mandal
तुंग द्रुम एक चारु🥀🌷🌻🌿
तुंग द्रुम एक चारु🥀🌷🌻🌿
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
_______ सुविचार ________
_______ सुविचार ________
विनोद कृष्ण सक्सेना, पटवारी
कृतज्ञता
कृतज्ञता
Dr. Pradeep Kumar Sharma
कहीं फूलों की बारिश है कहीं पत्थर बरसते हैं
कहीं फूलों की बारिश है कहीं पत्थर बरसते हैं
Phool gufran
** चीड़ के प्रसून **
** चीड़ के प्रसून **
लक्ष्मण 'बिजनौरी'
शक्ति का पूंजी मनुष्य की मनुष्यता में है।
शक्ति का पूंजी मनुष्य की मनुष्यता में है।
प्रेमदास वसु सुरेखा
मुखड़े पर खिलती रहे, स्नेह भरी मुस्कान।
मुखड़े पर खिलती रहे, स्नेह भरी मुस्कान।
surenderpal vaidya
कोई तंकीद
कोई तंकीद
Dr fauzia Naseem shad
कुंडलिया छंद
कुंडलिया छंद
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
मैं उन लोगों से उम्मीद भी नहीं रखता हूं जो केवल मतलब के लिए
मैं उन लोगों से उम्मीद भी नहीं रखता हूं जो केवल मतलब के लिए
Ranjeet kumar patre
Loading...