Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
8 Jan 2024 · 1 min read

कहो तुम बात खुलकर के ,नहीं कुछ भी छुपाओ तुम !

कहो तुम बात खुलकर के ,नहीं कुछ भी छुपाओ तुम !
छुपी हो भावना दिल में , उसे क्षण में निकलो तुम !!
@परिमल

309 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
घे वेध भविष्याचा ,
घे वेध भविष्याचा ,
Mr.Aksharjeet
इतना कभी ना खींचिए कि
इतना कभी ना खींचिए कि
Paras Nath Jha
खयालों ख्वाब पर कब्जा मुझे अच्छा नहीं लगता
खयालों ख्वाब पर कब्जा मुझे अच्छा नहीं लगता
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
अब नहीं घूमता
अब नहीं घूमता
Shweta Soni
सेंगोल की जुबानी आपबिती कहानी ?🌅🇮🇳🕊️💙
सेंगोल की जुबानी आपबिती कहानी ?🌅🇮🇳🕊️💙
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
गणेश अराधना
गणेश अराधना
Davina Amar Thakral
ऑनलाईन शॉपिंग।
ऑनलाईन शॉपिंग।
लक्ष्मी सिंह
किस्मत की लकीरें
किस्मत की लकीरें
Dr Parveen Thakur
हमारा भारतीय तिरंगा
हमारा भारतीय तिरंगा
Neeraj Agarwal
मोलभाव
मोलभाव
Dr. Pradeep Kumar Sharma
तारीख
तारीख
Dr. Seema Varma
बरखा
बरखा
ओमप्रकाश भारती *ओम्*
कलम की दुनिया
कलम की दुनिया
Dr. Vaishali Verma
नारी
नारी
नन्दलाल सुथार "राही"
........,!
........,!
शेखर सिंह
"क्या बताऊँ दोस्त"
Dr. Kishan tandon kranti
बाहरी वस्तु व्यक्ति को,
बाहरी वस्तु व्यक्ति को,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
तूफान सी लहरें मेरे अंदर है बहुत
तूफान सी लहरें मेरे अंदर है बहुत
कवि दीपक बवेजा
अनुभूति
अनुभूति
Punam Pande
उच्च पदों पर आसीन
उच्च पदों पर आसीन
Dr.Rashmi Mishra
इस गोशा-ए-दिल में आओ ना
इस गोशा-ए-दिल में आओ ना
Neelam Sharma
पापा आपकी बहुत याद आती है !
पापा आपकी बहुत याद आती है !
Kuldeep mishra (KD)
■ आज का शेर...
■ आज का शेर...
*Author प्रणय प्रभात*
समर्पण
समर्पण
Sanjay ' शून्य'
बीतल बरस।
बीतल बरस।
Acharya Rama Nand Mandal
" सुर्ख़ गुलाब "
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
इन रावणों को कौन मारेगा?
इन रावणों को कौन मारेगा?
कवि रमेशराज
Advice
Advice
Shyam Sundar Subramanian
मैं इस दुनिया का सबसे बुरा और मुर्ख आदमी हूँ
मैं इस दुनिया का सबसे बुरा और मुर्ख आदमी हूँ
Jitendra kumar
The Misfit...
The Misfit...
R. H. SRIDEVI
Loading...